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संतोष आंबेकर व साथियों पर साहूकारी का मामला दर्ज, ठगी का पहले ही चल रहा है केस

संतोष आंबेकर व साथियों पर साहूकारी का मामला दर्ज, ठगी का पहले ही चल रहा है केस

डिजिटल डेस्क,  नागपुर। संतोष आंबेकर पर अब साहूकारी का प्रकरण भी दर्ज किया गया है। तहसील पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर संतोष शशिकांत आंबेकर (49),  सर्राफा व्यापारी राजेंद्र उर्फ राजा गुलाबराव अरमरकर (53) और नीलेश ज्ञानेश्वर केदार (34) पर धारा 386, 504, 506 ब, 34, सहधारा 44, 45 साहूकारी कानून के तहत मामला दर्ज किया है। इस प्रकरण में शामिल आरोपी नीलेश केदार उसका (संतोष) भांजा है। संतोष और नीलेश पर सोनेगांव में भी गुजरात के व्यापारी हेमंत पुरोहित से 1 करोड़ रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। संतोष आंबेकर के खिलाफ लकड़गंज, अंबाझरी, तहसील, सीताबर्डी और सोनेगांव में मामले दर्ज हैं। इसके पहले भी इस आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 

तहसील थाने में दर्ज प्रकरण में यह जिक्र 
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कलमना थानांतर्गत वर्ष 2017 में बाल्या गावंडे नामक बदमाश की हत्या की गई थी। इस प्रकरण में जयभारत काले भी आरोपी था। गावंडे हत्याकांड को आरोपी  योगेश कुंभारे व साथियों ने अंजाम दिया था। योगेश का फोन कॉल डिटेल निकालने पर इस प्रकरण में न्यू सुभेदार ले-आउट निवासी जयभारत जयहिंद काले (43) को भी आरोपी बनाया गया था। इस प्रकरण में शामिल जयभारत को जेल से बाहर निकालने के लिए उसके परिजनों से उस समय संतोष आंबेकर ने मुलाकात की थी। तब संतोष आंबेकर ने जयभारत को जेल से जमानत पर बाहर लाने के लिए 15 लाख रुपए लगने की बात परिजनों से की थी।

परिजनों ने असमर्थता जताई तो आंबेकर ने उसका इंतजाम कराने की बात की। करीब चार माह तक जेल में रहने के बाद जयभारत जेल से बाहर आ गया। तब संतोष आंबेकर ने उसे बताया कि उसकी जमानत के लिए करीब 15 लाख रुपए उसने खर्च किया है। संतोष की बात को सही मानकर उस समय काले ने करीब 6 लाख रुपए दे दिया। बाद में काले ने संतोष को करीब 11 लाख 25 हजार रुपए दिए। उसके बाद भी उससे पैसे की मांग की जाती रही। वह संतोष की गुंडागर्दी से वाकिफ था, इसलिए खामोश था। पुलिस ने संतोष और उसके गिरोह के खिलाफ मामले दर्ज करना शुरू किया है। संतोष से पीड़ित लोग अब सामने आने लगे हैं। उसकी ठगी के गुजरात के दो व्यापारी, संतोष के बेटे की मित्र 23 वर्षीय महिला चिकित्सक अब तक सामने आ चुके हैं। संतोष की ठगी के शिकार कई लोग हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।