दैनिक भास्कर हिंदी: ऑनलाईन फ्रॉड : ई मेल हैकर ने नाम बदलकर लगाई एक लाख की चपत

August 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जितनी तेजी से हम डिजिटल हुए हैं, उतनी ही तेजी से साइबर क्राइम भी बढ़ रहा है। बैठे-बैठे हैकर अमाउंट उड़ा रहे हैं। नागुपर में ऐसा ही एक मामला सामने आया। धंतोली थानांतर्गत एक सेवानिवृत्त जिओलॉजिस्ट के ई-मेल पर हैकर ने फर्जी ई-मेल भेजकर करीब 1 लाख रुपए का चूना लगाया। हैकर की पोल तब खुल गई जब उसने सेवानिवृत्त जिओलॉजिस्ट से दोबारा 1 लाख 80 हजार रुपए की मदद के लिए एक बार फिर ई-मेल भेजा। फरियादी शिरीष कुलकर्णी की शिकायत पर धंतोली पुलिस ने ई-मेल आईडी हैकर के खिलाफ धारा 419,420, सह धारा 66,66(सी)(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूर्वी अपार्टमेंट एस 14 लक्ष्मीनगर निवासी शिरीष अवधुत कुलकर्णी (61) नागपुर में जिओलॉजिस्ट थे। वह गत वर्ष सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके कार्यालय में उनके सीनियर अधिकारी कौशिककर थे। शिरीष कुलकर्णी के साथ एक हैकर ने धोखाधड़ी की। उन्होंने उस अज्ञात हैकर के खिलाफ धंतोली थाने में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 21 अगस्त को सुबह करीब 10 से 11 बजे के दरमियान उनके ई-मेल आईडी पर अज्ञात आरोपी ने उनके (कुलकर्णी) सीनियर रहे जियोलॉजिस्ट अधिकारी कौशिककर के नाम से ई-मेल भेजा।

कौशिककर भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कुलकर्णी के ई-मेल पर भेजा गया संदेश किसी हैकर ने भेजा था। उस हैकर ने कौशिककर के ई-मेल को हैक किया। उसके बाद कौशिककर के नाम से कुलकर्णी को भाई के ऑपरेशन करने के नाम पर एक लाख रुपए की मदद मांगी। कुलकर्णी की तरह कौशिककर से जुड़े उनके अन्य दोस्तों को भी भाई के ऑपरेशन करने के नाम पर एक लाख रुपए की मदद मांगी गई थी। ई-मेल देखने के बाद कुलकर्णी को लगा कि सचमुच कौशिककर को मदद की जरूरत है। उन्होंने उन्हें मेल पर संदेश भेजा कि वह उनसे मोबाइल फोन पर बात करना चाहते हैं। हैकर को लगा कि बातचीत करने पर उसका भांडा फूट जाएगा। उसने कुलकर्णी को ई-मेल किया और कहा कि वह (कौशिककर के नाम का उपयोग करने वाला हैकर) अपने भाई को विदेश लेकर आया है। कुलकर्णी को लगा कि वह सचमुच किसी मुसीबत में हैं। कुलकर्णी को उस हैकर ने कौशिककर बनकर एक खाता नंबर दिया। कुलकर्णी ने उस खाते में एक लाख रुपए आरटीजीएस कर दिया। दो दिन बाद उसी हैकर ने दोबारा कुलकर्णी को कौशिककर के नाम से ई-मेल भेजकर 1 लाख 80 हजार रुपए की मांग की, तब कुलकर्णी को समझ में आ गया कि कुछ गड़बड़ है। 

कुलकर्णी ने संकोचवश फिर से कौशिककर को फोन नहीं लगाया। उनके एक दोस्त को फोन लगाया तब कुलकर्णी को पता चला कि कौशिककर नागपुर में हैं। उनका कोई भाई बीमार नहीं है। न ही वह कोई विदेश गए हैं। कुलकर्णी ने कौशिककर को फोन किया तब सारी हकीकत समझ में आ गई। साथ ही यह बात भी उजागर हो गई कि किसी ने कौशिककर की ई-मेल आईडी को भी हैक कर लिया है। शिरीष कुलकर्णी ने इस घटना की शिकायत धंतोली थाने में की। धंतोली थाने के उपनिरीक्षक राठोड़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ई-मेल आईडी हैक कर शिरीष कुलकर्णी को एक लाख रुपए का चूना लगा देने का मामला दर्ज कर लिया है। धंतोली पुलिस मामले की जांच कर रही है।