दैनिक भास्कर हिंदी: पश्चिम मध्य रेलवे का जीएम बनने के लिए करना पड़ेगा रेल मंत्री के इंटरव्यू का सामना

July 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। रेल मंत्री पीयूष गोयल के सामने बैठकर इंटरव्यू देने के बाद ही किसी आला अधिकारी को पश्चिम मध्य रेलवे का नया जीएम घोषित किया जा सकता है, क्योंकि रेलवे को सबसे बेहतर बनाने की नई नीति के तहत केवल ऐसे अधिकारियों को ही रेलवे का जीएम बनाया जा सकता है, जो रेल मंत्री के इंटरव्यू में पास हो सके।

गौरतलब है कि भारतीय रेल के 16 जोन और कारखानों के महाप्रबंधक पदों पर जल्द नियुक्तियां की जानी है। ऐसे में पमरे से दो अधिकारी एजीएम प्रदीप कुमार और दूसरे जोन से पीके मिश्रा का नाम सूची में शामिल होने के कारण इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि दोनों अधिकारी इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं इसलिए चर्चाओं का दौर गर्म है। हालांकि सीनियरिटी के लिहाज से कई और नाम भी सामने आए हैं, जिनको आने वाले दिनों में अपने अनुभव और कार्यकुशलता का पारितोषक मिल सकता है। इनमें एके सिंह का नाम सबसे अधिक चर्चाओं में चल रहा है।

कसौटी पर खरा उतरना होगा
रेलवे के जानकार सूत्रों का कहना है कि रेलवे को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेल के सभी जोन, कारखाने और मेट्रो रेल में जीएम पोस्टिंग के लिए इंटरव्यू की कसौटी रखी है। जिसके तहत IRSE, IRSME, IRTS और IRSEE अधिकारियों को जीएम जैसे महत्वपूर्ण की चाह को पूरा करने के लिए रेल मंत्री के सवालों का सामना करना होगा। जो इसमें सफल होगा, उसे 16 जोन में किसी एक के जीएम पद की सौगात मिल सकती है।

इनमें पमरे के जीएम का पद भी शामिल है। जो पूर्व जीएम गिरीश पिल्लई के जाने के बाद से रिक्त है। रेलवे को सबसे बेहतर बनाने की नई नीति के तहत केवल ऐसे अधिकारियों को ही रेलवे का जीएम बनाया जा सकता है, जो रेल मंत्री के इंटरव्यू में पास हो सके।