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 छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की कवायत, पांढुर्ना को बनाया जा सकता है जिला , रिपोर्ट तैयार

 छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की कवायत, पांढुर्ना को बनाया जा सकता है जिला , रिपोर्ट तैयार

डिजिटल डेस्क,छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की कवायत बहुत पहले शुरू हो चुकी थी किंतु अब इस दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए पांढुर्ना को जिला बनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है । इस तहसील को छिंदवाड़ा से अलग करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।  शासन ने पांढुर्ना से संबंधित तमाम जानकारियां प्रशासन से पिछले दिनों मांगी थी। जिसमें यहां की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, जिला पंचायत और जनपद पंचायत क्षेत्रों से लेकर तहसील और राजस्व अमले की तमाम जानकारियां भोपाल भेजी गई हैं। कहा जा रहा  है कि  जल्द ही बैतूल के कुछ विधानसभाओं को पांढुर्ना से मिलाकर इसे जिला घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि पांढुर्ना और मुलताई के लोग सालों से जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। अब इन दो विधानसभाओं में से किसे जिला बनने का  मौका मिलेगा, ये भी एक बड़ा सवाल बन गया है। हालांकि भोगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो सबसे ऊपर नाम पांढुर्ना का ही सामने आ रहा है, लेकिन ये इतना भी आसान नहीं होगा। क्योंकि मुलताई के लोग सालों से जिला बनाने को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं। 

ऐसा हुआ तो छिंदवाड़ा का संभाग बनना तय 

यदि पांढ़ुर्ना या मुलताई में से किसी एक को जिला बनाया जाता है तो छिंदवाड़ा के संभाग बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। दरअसल सिवनी और बालाघाट की आपत्तियों के कारण जिले को संभाग घोषित नहीं किया जा रहा है। यदि पांढुर्ना और मुलताई को छिंदवाड़ा से जोड़ दिया गया तो जिले को आसानी से कमिश्नरी का  का दर्जा मिल जाएगा। 

छिंदवाड़ा-पांढुर्ना दोनों को होगा फायदा 

पांढुर्ना के छिंदवाड़ा से अलग होने पर से दोनों को ही बड़ा फायदा होगा। अभी छिंदवाड़ा से पांढुर्ना की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है। ऐसे में तमाम कार्य  करवाने के लिए यहां के लोगों को छिंदवाड़ा आना पड़ता है। अब पांढुर्ना में ही काम हो सकेंगे। वहीं छिंदवाड़ा के संभाग बनने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।