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छिंदवाड़ा: लोकायुक्त पुलिस को देखकर भागा रिश्वतखोर आरक्षक, कार से बरामद हुए एक लाख रुपए

September 30th, 2019 22:46 IST
छिंदवाड़ा: लोकायुक्त पुलिस को देखकर भागा रिश्वतखोर आरक्षक, कार से बरामद हुए एक लाख रुपए



डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। लोकायुक्त पुलिस को देखकर रिश्वत मांगने वाला पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार से रिश्वत के रुपयों को बरामद किया है। दरअसल माउजर कांड में आरोपी न बनाने के लिए सोमवार को कोतवाली पुलिस की टीम ने न्यूटन के युवक को एक लाख रुपए लेकर बुलाया और उसे बिना नंबर की गाड़ी में बैठाकर भगा ले गए। पीछे लगी लोकायुक्त की टीम ने पुलिस की गाड़ी का लगभग 50 किलोमीटर तक पीछा किया और उमरानाला चौकी में गाड़ी पकड़ी। गाड़ी से लोकायुक्त ने एक लाख रुपए बरामद किए हैं। वहीं उमरानाला चौकी में वाहन छोड़कर फरार हुए एक आरक्षक परवेज आजमी के खिलाफ लोकायुक्त ने प्राथमिकी दर्ज की है।
यह है पूरा मामला-
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार माउजर मामले में आरोपी न बनाने के लिए कोतवाली पुलिस के आरक्षक परवेज आजमी ने न्यूटन के गुलबादशाह पिता शेख गुजून अंसारी से रुपयों की मांग की। सोमवार को पुलिस रुपए लेने गई थी लेकिन जब युवक रुपए लेकर आया तो पुलिस ने उसे ही उठा लिया और बिना नंबर की एक एसयूवी से लेकर भागने लगी। घटना की शिकायत पहले ही लोकायुक्त से हो चुकी थी। जिसके चलते पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने पुलिस के वाहन का पीछा किया। उमरानाला चौकी में वाहन रोकते ही आरक्षक परवेज आजमी फरार हो गया। लोकायुक्त ने पुलिस के वाहन से 1 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं, यह वही रुपए हैं जो लोकायुक्त ने फरियादी को केमिकल लगाकर दिए थे। लोकायुक्त ने इस मामले में कोतवाली के आरक्षक परवेज को आरोपी बनाया है।
पांच दिन से चल रहा घटनाक्रम-
-26 सितंबर को गुलबादशाह के भाई को गुलबादशाह समझकर माउजर मामले की जांच कर रही टीम ने सिवनी-नागपुर मार्ग पर मोरफाटा की दरगाह के पास पकड़ा।
- टीम ने 3 लाख रुपए की डिमांड कर गुलबादशाह के भाई को दूसरे दिन घर आने की बात कहकर छोड़ दिया।
-27 सितंबर को आरक्षक परवेज के साथ माउजर कांड की जांच में लगी कोतवाली की पूरी टीम गुलबादशाह के घर पहुंची।
-28-29 सितंबर को आरक्षक परवेज ने गुलबादशाह से अपने दलाल सज्जू कबाड़ी के जरिए रुपयों की बारगनिंग की।
-आरोपी न बनाने के लिए डील 1 लाख 20 हजार रुपए, 1 माउजर और आरोपी बनाने के लिए एक आदमी पर तय हुई
- 30 सितंबर सुबह से ही डील की जगह तय करने को लेकर चर्चा  हुई, दोपहर 3 बजे आरक्षक परवेज, एसआई अनिता सराठे, सैनिक जीवन न्यूटन पहुंचे।
-3.30 बजे पुलिस टीम गुलबादशाह को बिना नंबर की एसयूवी में बैठाकर भाग निकली।
इनका कहना है-
आरोपी न बनाने के लिए पुलिस ने रुपये की मांग की थी इसकी शिकायत मिलने के बाद घेराबंदी की गई थी, लेकिन पुलिस फरियादी को लेकर भाग गई। पीछा कर कार से एक लाख रुपए बरामद किए गए हैं। कोतवाली के एक आरक्षक को आरोपी बनाया गया है।
-जेपी वर्मा, डीएसपी लोकायुक्त  

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।