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उमरिया से लाए मजदूर, पैसा मांगा तो भगा दिया, भूखे प्यासे कलेक्ट्रेट में भटकते रहे

उमरिया से लाए मजदूर, पैसा मांगा तो भगा दिया, भूखे प्यासे कलेक्ट्रेट में भटकते रहे

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। मजदूरी की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर मजदूरी करने आए परिवार मंगलवार को कलेक्ट्रेट में भटकते रहे। भूखे-प्यासे बच्चों को लेकर आए इन लोगों के पास इतना भी पैसा नहीं था कि खुद के साथ-साथ अपने बच्चों की भूख मिटा पाते। मौके पर मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे चंदा कर इन लोगों के खाने-पीने का इंतजाम किया। सुबह से शिकायत लेकर भटक रहे इन लोगों की सुध भी देर शाम अधिकारियों ने ली। मामला वनविभाग से जुड़ा हुआ है। 

मजदूरों ने शिकायत करते हुए बताया कि उमरिया जिले से छिंदवाड़ा में मजदूरी करने के लिए आए थे। वनविभाग के वनरक्षक रामजी धुर्वे और सांवरी रेंज के डिप्टी रेंजर ने गड्ढा खुदवाने के लिए उन्हें छिंदवाड़ा बुलाया था। 13 मई से लेकर 3 जून के तक उन्होंने 34780 गड्ढे खोद दिए, लेकिन जब अधिकारियों से पैसों की मांग की गई तो उन्होंने डरा धमका कर भगा दिया। मजदूरों ने बताया कि हमारे पास इतने भी पैसे नहीं बचे थे कि अपने बच्चों को दो वक्त का खाना खिला देते। प्रति सप्ताह पैसे देने की बात किए जाने के बाद भी अफसर टालामटोली कर रहे हैं। 

सुबह से डाला कलेक्ट्रेट में डेरा, शाम को ली सुध 
अपनी शिकायत लेकर सुबह से ये पीड़ित परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में डेरा जमाए बैठे थे। तेज तपन में जहां लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया, वहीं अपने साल भर के बच्चों को लेकर ये मजदूरी की मांग कर रहे थे। देर शाम 6 बजे वनविभाग के अधिकारी मौके पर आए तब जाकर इनकी समस्या का समाधान हो सका। 

बच्चों को नहीं खिलाया खाना, मंदिर से लाकर दिया अनाज 
मजदूरी करने आए इन पीड़ित परिवारों के साथ 1 से 3 साल के बच्चे भी शामिल थे जो लगातार खाने की मांग कर रहे थे लेकिन इन मजदूरों के पास बच्चों को पेट भरने के लिए भी पैसा नहीं था। आसपास के लोगों ने पास ही स्थित हनुमान मंदिर से अनाज, आटा लाकर इन्हें दिया ताकि ये रात का खाना बच्चों को खिला सके। 

रेन बसेरा में ठहराया पीड़ितों को 
कलेक्ट्रेट में भटकते हुए रात होने के बाद अधिकारियों ने इन्हें रैन बसेरा में आसरा दिया। मौके पर पहुंचे वनविभाग के एसडीओ ने सभी मजदूरों की मजदूरी का देर रात तक भुगतान किया। रैन बसेरा में इनके रहने खाने की व्यवस्था अधिकारियों द्वारा कराई गई। 

इनका कहना है
शिकायत के बाद सभी मजदूरों का भुगतान किया जा रहा है। इसके पहले कुछ मजदूरी इन मजदूरों को दी जा चुकी है। बाकी भुगतान भी कर दिया गया है। 
- अनादि बुधोलिया एसडीओ, पश्चिम वनक्षेत्र 
 

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