दैनिक भास्कर हिंदी: अगस्त में हो सकती है छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की घोषणा, जिला प्रशासन पहले ही भेज चुका है प्रस्ताव 

July 27th, 2019

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। प्रशासनिक स्तर पर छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की तैयारी भोपाल स्तर पर शुरु हो चुकी है। यदि तय समय के मुताबिक सबकुछ हो गया तो अगस्त में छिंदवाड़ा को संभाग घोषित किया जा सकता है। प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर जिले को संभाग का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी थी। जिले से संबंधित तमाम जानकारियां जिला प्रशासन पहले ही प्रदेश शासन तक पहुंचा चुका है।

2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने की थी घोषणा

2008 में छिंदवाड़ा को संभाग बनाने की घोषणा तत्कालिक मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित जनसभा में की थी। लेकिन सिवनी और बालाघाट की आपत्ति के बाद इस घोषणा को 11 सालों में भी अमल में नहीं लाया जा सका। सीएम की घोषणा के विरोध में सिवनी और बालाघाट के विधायकों ने आंदोलन शुरु करते हुए 20 आपत्तियां लगाई थी। इस आपत्ति के चलते जिले को संभाग नहीं बनाया जा सका, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने फिर से प्रशासनिक कार्रवाई शुरु करवा दी थी। अब तक जिले से संबंधित सभी जानकारियां और संभाग की घोषणा के बाद जुड़ने वाले नए जिलों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि  अगस्त में छिंदवाड़ा को संभाग का दर्जा दिए जाने की औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री कमलनाथ कर सकते हैं। 

सिवनी-मुलताई जुड़ सकते हैं छिंदवाड़ा संभाग से 

छिंदवाड़ा को संभाग का दर्जा दिए जाने के साथ ही सिवनी को छिंदवाड़ा संभाग से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा मुलताई को लंबे समय से यहां के निवासी जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। यदि छिंदवाड़ा को संभाग का दर्जा मिला तो मुलताई को जिला घोषित करते हुए छिंदवाड़ा संभाग में जोड़ा जा सकता है। 

क्या होगा फायदा

संभाग बनने के साथ ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संख्या यहां बढ़ जाएगी। कमिश्नर-आईजी से लेकर सभी विभागों के संभागीय अधिकारी छिंदवाड़ा में ही मौजूद रहेंगे। संभाग से संबंधित कार्य कराने के लिए जिलेवासियों को जबलपुर तक दौड़ नहीं लगाना पड़ेगा। 

ये जानकारी गई थी भोपाल
- जिले में कुल सात अनुविभाग और 14 तहसीलें है। 
- जिले में कुल राजस्व निरीक्षक मंडल 32 है और 11 विकासखंड है। 
- जिले की कुल जनसंख्या 2011 के मुताबिक 20 लाख 90 हजार है। 
- जनसंख्या के मुताबिक एससी का प्रतिशत 11.10 और एसटी का प्रतिशत 36.82 फीसदी है। 
- जिले का कुल भोगोलिक क्षेत्र 11 लाख 84 हजार 923 हेक्टेयर है। 
 

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