दैनिक भास्कर हिंदी: तीन अरब से बनेगी छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी, गजट नोटिफिकेशन जारी, चार जिले होंगे शामिल

June 19th, 2019

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी के लिए मंगलवार को गजट में नोटिफिकेशन जारी हो गया। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। सारना बायपास से लगी 120 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी बनने जा रही है। इस पर प्रारंभिक तौर पर  तीन अरब रुपए की लागत आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए पिछले दिनों निविदा आमंत्रित की जा चुकी हैं। मंगलवार को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी में चार जिलों के कॉलेज शामिल होंगे। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से संबद्ध तीन जिले छिंदवाड़ा, सिवनी एवं बालाघाट तथा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल से संबद्ध बैतूल जिले के कॉलेज छिंदवाड़ा में प्रारंभ होने जा रही यूनिवर्सिटी में शामिल होंगे।

तीन सौ करोड़ की लागत का अनुमान

यूनिवर्सिटी कैम्पस के निर्माण के लिए पिछले दिनों निविदा आमंत्रित की गई हैं। इसपर प्रारंभिक तौर पर इसपर तीन सौ करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए दो माह, निर्माण कार्य एवं पीएमसी सर्विसेस के लिए 12 माह तथा डिफेक्ट लायबिलिटीज के लिए छह माह की समय अवधि तय की गई है। अधिकारियों के अनुसार अभी प्रारंभिक तौर पर लागत का अनुमान लगाया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद अनुमानित लागत का सही आंकलन हो सकेगा।

इसी सत्र में शुरु हो सकती है यूनिवर्सिटी

जानकारों के अनुसार छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी जुलाई से प्रारंभ होने वाले नए सत्र से प्रारंभ होने की उम्मीदें हैं। कैम्पस निर्माण होने तक इसे पीजी कॉलेज में संचालित किया जा सकता है। छतरपुर में महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी का संचालन इसी तरह एक शासकीय कॉलेज से हो रहा है।

एक अरब से होगा एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण

छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी के साथ ही जिले में प्रारंभ होने जा रहे एग्रीकल्चर कॉलेज एवं हार्टिकल्चर कॉलेज के निर्माण कार्य के लिए भी निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। एग्रीकल्चर कॉलेज के निर्माण पर प्रारंभिक तौर पर 106 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान लगाया गया है। वहीं हार्टिकल्चर कॉलेज पर लगभग 96.37 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए भी लगभग 20 माह की समय सीमा तय की गई है। इसमें दो माह डीपीआर तैयार करने, 12 माह निर्माण कार्य व पीएमसी सर्विसेस एवं 6 माह डिफेक्ट लायबिलिटीज के लिए छह माह की समय सीमा तय की गई है।

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