दैनिक भास्कर हिंदी: हॉर्वर्ड और स्टेनफोर्ड जैसी होगी छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी, छात्र-छात्राओं को मिलेगी तमाम सुविधाएं

November 13th, 2019


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी का भवन सारना के पास कुल 125 एकड़ भूमि में बनकर तैयार होना है लेकिन इसके ड्राफ्ट में बदलाव हो सकता है और जरुरत पडऩे पर 100 एकड़ से अधिक भूमि इसके लिए और अधिग्रहित की जाएगी। मेरी सोच है कि छिंदवाड़ा में बनने वाली यूनिवर्सिटी प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में पहचान रखने वाली होगी। यह कहना है सांसद नकुलनाथ का जिन्होंने बुधवार को छिन्दवाड़ा विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान करने के संबंध में पीजी कॉलेज विवि कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किया। यहां उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी भविष्य को देखते हुए बनाई जाएगी। जिसमें जरुरत पडऩे पर इसके ड्राफ्ट में बदलाव किया जाता रहेगा। यहां सांसद नकुलनाथ ने कहा कि  इस यूनिवर्सिटी को सामान्य नहीं बल्कि इसका स्तर हॉर्वर्ड और स्टेनफोर्ड जैसे विश्व स्तर के शिक्षण संस्थानों जैसा बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के कैम्पस को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए मोटर गाड़ी प्रतिबंधित रहेगी तथा साइकिल व इलेक्ट्रानिक वाहन चलाने पर जोर दिया जाएगा । श्री नाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा है कि छिन्दवाड़ा मॉडल वैश्विक पहचान बने। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे,  पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, गंगाप्रसाद तिवारी, अमित सक्सेना, मनीष पांडे, कुलपति एमके श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
प्राचार्यों ने किया सम्मान
 इस दौरान सांसद नकुलनाथ को प्राचार्यो ने अभिनंदन पत्र व मोमेंटो भी प्रदान किया। संगोष्ठी के पूर्व सांसद श्री नाथ ने एनएसयूआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को छिन्दवाड़ा मॉडल व विश्वविद्यालय तथा मेडिकल कॉलेज के ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में कुलसचिव वरदमूर्ति मिश्र ने विश्वविद्यालय की प्रगति और कार्य बताएं।  
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स जुड़े
सांसद नकुलनाथ ने कहा कि छिन्दवाड़ा यूनिवर्सिटी केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि मध्यभारत में पूरे एजुकेशन हब के रूप में जानी जाए इस बात को ध्यान में रखकर इस यूनिवर्सिटी का काम किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में 30. से 35 हजार बच्चे आस.पास के जिलों से पढऩे आएंगे। ऐसे में यह प्रयास किया जा रहा है कि एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम भी रहे जिससे युवाओं में रोजगार के अवसर बढ़े।
कुलसचिव ने बताया ऐसा होगा विवि
कक्ष- कुल 18 डिपार्टमेंट होंगे जिसमें यूजी के लिए 24 और पीजी के लिए 38 क्लासरुम होंगे। इसके अलावा 26 यूजी और 25 यूजी लैब, 18 लाइब्रेरी कक्ष, 18 स्टोर रुम, 18 एचओडी रूम, 36 स्टॉफ रुम के अलावा 18 ऑफिस के लिए कक्ष बनेंगे।
कॉलेज- चार जिले छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट और सिवनी जिले के कुल 130 कॉलेज विवि में होंगे। यहां पर यूजी कक्षाओं के कुल 36 हजार 707 और पीजी कक्षाओं के 10 हजार 950 विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन होगा।
परीक्षा-  दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पीजी प्रीवियस की सेमेस्टर परीक्षा और यूजी कक्षा की परीक्षा मार्च और अप्रैल माह में होगी।