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कृषि प्रक्रिया उद्योगों में मदद करे सीआईआई : नितीन गडकरी

कृषि प्रक्रिया उद्योगों में मदद करे सीआईआई : नितीन गडकरी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश में करीब 65 फीसदी आबादी ग्रामीण व कृषि अर्थ व्यवस्था पर निर्भर है। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया इंडस्ट्री (सीआईआई) ने आर्थिक रूप से सक्षम कृषि व कृषि प्रक्रिया  उद्योगों में मदद कर  अर्थ व्यवस्था को ताकत देने का आह्वान केंद्रीय सड़क परिवहन व  महामार्ग मंत्री नितीन गडकरी ने किया। वे सीआईआई की आेर से नागपुर में आयोजित 5वीं सूक्ष्म लघु व मध्यम (एमएसएमई)  परिषद में  मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। सीआईआई के पश्चिम क्षेत्र के सहसंयोजक सुधीर मुतालिक, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक कृष्णा, एमएसएमई नागपुर विकास संस्था के संचालक पी.एम. पार्लेवार उपस्थित थे।  उन्होंने कहा कि चीन में बांबू आधारित अर्थव्यवस्था से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है।  राजस्व, वन व बंजर जमीन पर बांबू लगाने और अखाद्य तेलबीज लगाने से जैव-इंधन निर्माण के लिए उद्यमियों को आगे आना चाहिए। वैश्विक अर्थव्यवस्था, मांग व आपूर्ति, व्यापार चक्र पर आधारित  भारतीय अर्थव्यवस्था रोजगार निर्माण के लिए  केंद्र प्रतिबद्ध है। संपत्ति व रोजगार सृजन करने वाले उद्यमियों को  नागपुर व विदर्भ के शहराें में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कृषि, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्र पर आधारित अर्थव्यवस्था का महत्त्व बताते हुए कहा कि, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए गरीबों की क्रयशक्ति बढ़ाना आवश्यक है। इस दौरान  ‘केंद्रीत खरीदार- विक्रेता सम्मेलन’ का आयोजन हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आैर बड़े  उद्योग समूह इस सम्मेलन में खरीदार है और वे  विदर्भ के एमएसएमई की आेर से उत्पादन के अवसर खोजेंगे।  परिषद में बड़ी संख्या में सीआईआई के पश्चिम क्षेत्र के पदाधिकारी, उद्यमी उपस्थित थे। 

नागपुर में बनेगा साइंस लैबोरेटरी कम ट्रेनिंग सेंटर 

इसके अलावा उपराजधानी में जल्द ही भव्य साइंस लैबोरेटरी कम ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू होगा। इसके लिए स्थान निर्धारण का काम जारी है। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने  कही है। एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इन बेसिक साइंस  एजुकेशन और नागपुर मनपा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अपूर्व विज्ञान मेला में वे बोल रहे थे। गडकरी ने कहा कि वो हर वर्ष इस विज्ञान मेले को भेंट देते हैं। अपूर्व विज्ञान मेले के अभिनव प्रयोग के बाद अब उनकी इच्छा शहर में एक ऐसा विज्ञान केंद्र बनाने की है, जहां विद्यार्थियों को भव्य प्रयोगशाला और प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके। इससे मनपा शाला के बच्चों को ज्यादा बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। एसोसिएशन के सचिव सुरेश अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ देकर नितीन गडकरी का स्वागत किया। इस दौरान देश के दो वरिष्ठ विज्ञान प्रसारकों ओ. पी. गुप्ता (इलाहाबाद) और वी.वी.एस. शास्त्री (बंगलुरु) का शाॅल, पुष्पगुच्छ देकर गडकरी ने स्वागत किया। इस अवसर पर  प्रमुख रूप से एआरटीबीएसई के अध्यक्ष रघु ठाकुर, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, शिक्षाधिकारी प्रीति मिश्रीकोटकर, शिक्षण सभापति दिलीप दिवे, उपसभापति प्रमोद तभाने, विनय बगले, मनपा कर्मचारी बैंक के निदेशक राजू कनाटे उपस्थित थे। रविवार को प्रदर्शनी का अंतिम दिन है। राष्ट्रभाषा परिवार द्वारा विज्ञान संबंधी पथनाट्य का प्रदर्शन किया जाएगा। विज्ञान मेला सुबह 11 से शाम 4 बजे तक राष्ट्रभाषा भवन परिसर (उत्तर अंबाझिरी मार्ग, आंध्र एसोसिएशन भवन के पास) विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए खुला रहेगा। प्रवेश निःशुल्क है।

फसल बीमा के भुगतान का इंतजार

हाल ही में तहसील में बेमौसम बारिश के चलते किसानों की फसलें खराब हो गई थी। खासतौर पर धान की फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। जिन किसानों ने फसल बीमा निकाला था उनको अब बीमा की राशि के भुगतान का इंतजार हैं। कामठी तहसील के मौजा उनगांव व नेरी के किसानों ने इस वर्ष खेतों में धान की फसलों की रोपाई की थी। वैसे यह क्षेत्र धान के लिए काफी चर्चित है। लेकिन दीपावली के दिन और उससे पहले हुई बारिश के कारण क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। इनमें से अधिकांश किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर फसल बीमा निकाला था। फसल चौपट होने के इतने दिन बाद भी न तो प्रशासन ने इन क्षेत्रों का दौरा करके खेतों का पंचनामा किया और न ही फसल बीमा अधिकारी और फसल बीमा निकालने वाली कंपनी के अधिकारियों ने अधिकृत किसानों के खेतों का दौरा कर पंचनामा किया। जबकि विभाग का कहना है कि सर्वे भी पूरा हो गया और इसकी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को सौंपी गई। अधिकांश किसानों ने सेंट्रल बैंक ऑफ गुमथला और पंजाब नेशनल बैंक, कापसी से बीमा करवाया था। इन दोनों बैंकों में कर्जदार किसानों की सूची भी उपलब्ध है। शुक्रवार को कामठी के तहसीलदार अरविंद हिंगे को जल्द से जल्द पंचनामा कर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। कृषि विभाग के अनुसार सर्वे और रिपोर्ट पूरी होकर जिलाधिकारी को सौंपी गई, परंतु नुकसानग्रस्त किसानों को बीमा की राशि का भुगतान कब होगा? अब इस ओर चिंताग्रस्त किसानों की निगाहें बनी हुई है।

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