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1700 सफाई कर्मचारी हुए बेरोजगार, 15 साल से कर रहे थे काम , नौकरी का संकट

1700 सफाई कर्मचारी हुए बेरोजगार, 15 साल से कर रहे थे काम , नौकरी का संकट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कनक रिसोर्सेस कंपनी से कचरा उठाने का काम रद्द करने का निर्णय लिया गया है। उसकी जगह नए ठेकेदार की नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इस प्रक्रिया के कारण कनक कंपनी के जरिये मनपा में पिछले 15 साल से काम कर रहे सैकड़ों सफाई कर्मचारियों पर नौकरियों का संकट मंडरा रहा है। अब तक इनके समायोजन को लेकर मनपा सत्तापक्ष या प्रशासन की ओर से कोई संकेत नहीं दिए गए हैं। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। 1700 कर्मचारी हैं, जिन पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। ऐसे में अब कामगार संगठन विरोध में सामने आने लगे हैं। 

मांगों से अवगत कराया
असंगठित कामगार संगठन के नेता लोकेश मेश्राम ने कहा कि शहर को  काफी समय तक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के प्रति प्रशासन को सकारात्मक भूमिका अपनानी चाहिए। इसे लेकर संगठन ने मनपा आयुक्त, अपर कामगार आयुक्त व मनपा स्वास्थ्य अधिकारी को भी अपनी मांगों से अवगत कराया है। मेश्राम ने कहा कि मनपा नियमों के अनुसार कचरा संकलन का काम ठेका पद्धति पर दिया गया। कनक को ठेका सौंपने के बाद लगभग 1700 कर्मचारी घर-घर से कचरा संकलन करने के काम में लगाए गए थे। अब कनक का ठेका रद्द कर जोन क्रमांक 1 से 5 अंतर्गत आनेवाले आवासों से कचरा संकलन का ठेका ए. जी. एनवायरो प्रा. लि. कंपनी तथा जोन क्रमांक 6 से 10 अंतर्गत आनेवाले आवासों से कचरा संकलन करने का ठेका बीवीजी प्रा. लि. कंपनी को सौंपा जा रहा है। 

50 वर्ष से ऊपर के कर्मचारी होंगे बाहर
इन कंपनियों ने 1700 कर्मचारियों में से 50 वर्ष की उम्र पार करने वाले सैंकड़ों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे इन परिवारों पर न केवल बेरोजगार होने की नौबत है, बल्कि निकट भविष्य में रोजगार नहीं होने पर भुखमरी के शिकार होने की भी आशंका है। उन्होंने कहा कि इसी मसले को लेकर गत समय संबंधित कंपनियों से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन मनपा आयुक्त की ओर से दिया गया था। इसके बावजूद कंपनियों ने 50 वर्ष की उम्र पार करनेवाले कर्मचारियों को काम पर लेने से साफ इनकार कर दिया है। निकट भविष्य में इसके कई दुष्परिणाम उजागर हो सकते हैं। अत: तुरंत प्रभाव से इन कर्मचारियों को कंपनी में काम पर लेने के आदेश देने की मांग की है।  
 

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