दैनिक भास्कर हिंदी: उत्कृष्ट कार्य और नई संकल्पना के लिए कलेक्टर नवाल को सम्मान, 7 जिलाधिकारियों का चयन

January 10th, 2019

डिजिटल डेस्क, वर्धा। राज्य शासन की ओर से प्रतिवर्ष उत्कृष्ट कार्य और नई संकल्पना चलाने वाले जिलाधिकारियों का सम्मान किया जाता है। वर्ष 2017-18  के पुरस्कार के लिए राज्य के 7 जिलाधिकारियों का चयन हुआ है। इनमें वर्धा के जिलाधिकारी शैलेश नवाल शामिल हैं। बता दें कि जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने विविध नई संकल्पनाएं चलाकर लोकाभिमुख व पारदर्शी काम कर प्रशासन में अलग पहचान बनाई है। महिला बचत समूहों और किसानों को विविध लघु उद्योगों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर उनके लिए जिला वार्षिक योजना के तहत निधि उपलब्ध करवाकर रोजगार निर्माण करने का काम किया।

जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने वर्धा जिले में कार्यरत होते ही जिले के नागरिकों को ऑनलाइन सेवा देने पर जोर दिया। इस के लिए विविध ई-सेवा शुरू की गई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय पेपरलेस करने के साथ ही नागरिकों को सभी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर घर बैठे उपलब्ध हो, इसके लिए 'आपल्या योजना'  मोबाइल एप तैयार किया। साथ ही जिला वार्षिक योजना की निधि खर्च करने में पारदर्शिता आए, इसके लिए नियोजन एप तैयार कर उस पर प्रत्येक विभाग में हुए कार्यों के फोटो और वीडियो अपलोड करने पड़ते हैं। पूर्ण हुए सभी कार्यों की जानकारी जनता को संकेतस्थल पर उपलब्ध करवाने पर सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आयी है। जनसहयोग से उन्होंने वर्धा जिले से राज्य सरकार की योजना के तहत 250 किलोमीटर की पगडंडी तैयार करवायी। सौर ऊर्जा पर जल उपसा उपसिंचाई प्रकल्प चलाया गया। इस कारण पिंपलगांव (भोसले) और नटाला (बोथली) गांव के किसानों को 12 माह सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो पाई है। सौर ऊर्जा पर शुरू हुई यह राज्य की एकमात्र सामूहिक सिंचाई पद्धति है। इसी के साथ अपराधों की जानकारी संबंधी प्रबंधन प्रणाली विकसित करने से नियमों व कानून का उल्लंघन करनेवाले आरोपियों को सजा व जुर्माना हुआ है।

उन्होंने रोजगार उपलब्ध करवाकर देने के लिए महिला व किसान बचत समूहों को विविध व्यवसायों के लिए मार्गदर्शन और निधि उपलब्ध करवाई है। काटन टू क्लाथ के माध्यम से चार गांवों में कपड़ा निर्माण शुरू करवाया। माइक्रो एटीएम, आपने आधार आपली बैंक  प्रकल्प द्वारा 115  गांवों में बैंक पहुंची और गांव की एक महिला को रोजगार उपलब्ध करवाया। उन्होंने कवठा झोपड़ी गांव में अनुसूचित जाति की 250 महिलाओं को सोलार पैनल निर्मिति कारखाना शुरू कर रोजगार उपलब्ध करवा दिया। महिलाओं द्वारा सोलार उपकरण की निर्मिति करने वाला यह देश का दूसरा और महाराष्ट्र का एकमात्र प्रकल्प है। साथ ही महिला बचत समूहों के माल और किसानों की उपज की  बिक्री करने के लिए रूरल मॉल शहर में शुरू करवाया।

जिलाधिकारी नवाल के प्रयास से ही संवाद टोल फ्री होल्पलाइन शुरू कर नागरिकों की शिकायतों का निवारण किया जा रहा है। छेड़छाड़ जैसी वारदातों पर प्रतिबंध लगाने और युवतियों को मानसिक परेशानी से छुटकारा दिलाने व अन्य विषयों पर जनजागृति करने के लिए अपील उपक्रम के माध्यम से 1098 और 1091 टोल फ्री क्रमांक उपलब्ध करवाया गया है। युवतियों को आगे आने तथा छात्राओं को जागरूक करने की जिलाधिकारी ने खुद पहल की। इस संबंध में उन्होंने कई स्कूलों में जाकर छात्राओं का मार्गदर्शन भी किया। महात्मा गांधी के विचारों को शालेय जीवन में ही विद्यार्थियों में आत्मसात करवाने के लिए उड़ान उपक्रम चलाकर ग्रामीण भागों के गरीब व दिव्यांग विद्यार्थियों को विमान से दिल्ली जाने का अवसर उपलब्ध करवाया। ऐसे अनेक नए उपक्रमों की दखल लेकर राज्य शासन ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल का उत्कृष्ट जिलाधिकारी के रूप में चयन किया है।

खबरें और भी हैं...