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सोशल मीडिया पर कमेंट, दो पक्ष आपस में भिड़े - कोतवाली थाने में दोनों पक्षों पर दर्ज हुआ प्रकरण

सोशल मीडिया पर कमेंट, दो पक्ष आपस में भिड़े - कोतवाली थाने में दोनों पक्षों पर दर्ज हुआ प्रकरण

डिजिटल डेस्क शहडोल । सोशल मीडिया में भेजे गए संदेश और उस पर की गई टिप्पणी को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से लाठी डंडे चलने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला। शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इधर, घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने जिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पाबंदी लगा दी है और इसकी मॉनीटरिंग भी शुरू कर दी है। 
   पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे की है। बस स्टैंड के पास सोहागपुर और सौखी मोहल्ला के कुछ लोगों के बीच संघर्ष शुरू हो गया था। बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर दूसरे राज्य का कोई वीडियो वायरल हुआ था, जिसको लेकर एक पक्ष के लोगों ने कुछ टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने इसके विरोध में टिप्पणी की और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्ष के लोग लाठी-डंडा लेकर एक-दूसरे के ऊपर टूट पड़े। हालांकि विवाद बढ़ता और शहर में अशांति फैलती इससे पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।
इन पर दर्ज हुआ प्रकरण 
राहुल सिंह पिता स्व. बलवंत सिंह (40) निवासी वार्ड नं. 21 सौखी मोहल्ला की शिकायत पर सुफियान खान, अय्या, विक्की खान, शाहरुख खान निवासी सोहागपुर सहित अन्य पर तथा सुफियान खान पिता मो. गुफरान खान (33) निवासी वार्ड नं. 3 सोहागपुर की शिकायत पर राहुल सिंह ,अमित गुप्ता, रब्बू सिंह, गजेन्द्र सिंह, शक्ति सिंह आदि पर गाली गलौच, मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने पर धारा 147, 148, 294, 323, 506 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। 
प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और इस पर कमेंट करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अपर जिला दंडाधिकारी अशोक ओहरी की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक एवं उद्वेलित करने वाली फोटो अथवा पोस्ट डालने एवं उस पर कमेंट करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। यह आदेश 28 सितंबर से 28 अक्टूबर तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में आदेश का उल्लंघन धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। 
 

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