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यदि सुप्रिया सुले बनतीं सीएम पद का चेहरा, तो बात ही कुछ और ही होती

यदि सुप्रिया सुले बनतीं सीएम पद का चेहरा, तो बात ही कुछ और ही होती

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कांग्रेस नेता आशीष देशमुख ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के पहले राकांपा नेता सुप्रिया सुले को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट किया जाता तो कांग्रेस राकांपा गठबंधन की स्थिति कुछ और होती। सुले मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता के मिले आशीर्वाद से कांग्रेस राकांपा का मनोबल बढ़ा है। इस मनोबल को बढ़ाने के लिए 3 नवंबर को सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में कांग्रेस राकांपा गठबंधन के बड़े नेता मार्गदर्शन करेंगे। श्री देशमुख सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। दक्षिण पश्चिम नागपुर में वे कांग्रेस उम्मीदवार थे। भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र फडणवीस ने 50 हजार के करीब मतों के अंतर से उन्हें पराजित किया है। देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस विधायक के तौर पर भले ही अच्छा कार्य करते रहे है लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर उनका परफार्मंस पिछड़ गया है। उन्हाेंने यह भी कहा कि दक्षिण पश्चिम में चुनाव कार्य के लिए उन्हें कम समय मिला। पहले से उम्मीदवारी तय रहती तो स्थिति कुछ और होती। कांग्रेस बिखरी हुई रहने से भी अधिक नुकसान हुआ है। पहले की तरह अब भी सत्ता से दूर है। लेकिन जनता ने संघर्ष का मौका दिया है। 100 के पार विधायकों की संख्या के साथ कांग्रेस राकांपा ताकतवर विपक्ष की भूमिका निभाने की स्थिति में हैं। जनता ने भले ही कांग्रेस राकांपा को नहीं चुना पर भाजपा शिवसेना की सांप्रदायिक राजनीति को भी साथ नहीं दिया है। कांग्रेस बिखरी रहने के बाद भी लोगों ने कांग्रेस की विचारधारा को साथ दिया है। चूक स्वीकार करके 5 साल तक जनता के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है। 

सत्कार होगा

कांग्रेस व राकांपा के उम्मीदवारों का सत्कार किया जाएगा। सत्कार कार्यक्रम का आयोजन 3 नवंबर 2019 को शाम 5.30 बजे अनुसया मंगल कार्यालय जयताला चौक में किया गया है। श्री देशमुख ने कहा कि विदर्भ में ही देखा जाए तो कांग्रेस राकांपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। पहले से अधिक विधायक जीते हैं। अलग अलग कारणों से निराशा की स्थिति थी। फिर भी जनता ने कांग्रेस राकांपा को साथ दिया है। कई सीटों पर कम मतों के अंतर से कांग्रेस राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार पराजित हुए हैं। सत्कार कार्यक्रम का आयोजन मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य के साथ किया जा रहा है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।