दैनिक भास्कर हिंदी: किसानों के घर रात बिताएगें कांग्रेस नेता, मराठा-मुस्लिम आरक्षण के लिए प्रस्ताव पारित

February 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के किसानों को केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के बारे में जागरुक करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले पार्टी नेताओं के साथ किसानों के घर रात्रि विश्राम करेंगे। मंगलवार को पार्टी प्रभारी एचके पाटील की मौजूदगी में हुई प्रदेश कांग्रेस के संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर भाजपा के दुष्प्रचार का मुकाबला करने और तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर राज्य के किसानों को जागरूक करने के लिए महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता गांवों में जाकर किसानों को कृषि कानूनों की वास्तविकता से अवगत कराएंगे। 

गठबंधन को लेकर स्थानीय नेताओं से होगी चर्चा

पाटिल ने कहा कि संसदीय बोर्ड ने महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगामी निकाय चुनावों को लेकर चर्चा की है। स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दूसरे दलों के साथ गठबंधन करना है या नहीं, यह जिला और स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों-नेताओं की प्रतिक्रिया जानने के बाद तय किया जाएगा। पार्टी के एक नेता ने कहा कि इस फैसले से महानगरपालिका चुनावों के लिए शिवसेना-राकांपा के साथ गठबंधन को लेकर भ्रम कि स्थिति फिलहाल कायम रहेगी। 

6 माह के लिए कार्यक्रम तय

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने संकल्प नाम का एक कार्यक्रम दिया है। उन्होंने कहा-हमने आज संकल्प लिया है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी का गौरव बढ़ाने के लिए खुद को समर्पित करेंगे। एआईसीसी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले को छह महीने का कार्यक्रम दिया है। पटोले किसानों के घर जाएंगे और उन्हें केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानूनों के बारे में जानकारी देंगे। पाटिल ने कहा कि समय की जरूरत है कि वे किसानों के पास जाएं और उनकी आंखें खोलने के लिए कृषि कानूनों की हकीकत बयां करें। एआईसीसी ने यह भी सुझाव दिया है कि पटोले एक दिन किसानों के साथ उनके घर पर रहें। 

वैधानिक विकास महामंडल को मिले धन 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री पटोले ने कहा कि संसदीय बोर्ड ने चार प्रस्ताव पारित किए हैं, जिसमें केंद्र सरकार के कृषि व श्रम कानूनों को रद्द करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को महाराष्ट्र में लागू नहीं किया जाएगा। इसके लिए विधानमंडल में प्रस्ताव लाने की मांग पार्टी ने की है। इसके अलावा, वैधानिक विकास महामहामंडलों का कार्यकाल बढ़ा कर धन उपलब्ध कराने लिए भी एक प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में मराठा व मुस्लिम आरक्षण को लागू करने और राज्य में आदिवासी, पिछड़े वर्ग, ओबीसी, घुमंतू जाति, अल्पसंख्यक समुदाय को न्याय देने के लिए बजट में बड़े प्रावधान करने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए हैं। 
 

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