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गड़चिरोली के 500 गांवों का संपर्क टूटा, दूसरे दिन भी आफत बनी बारिश

गड़चिरोली के 500 गांवों का संपर्क टूटा, दूसरे दिन भी आफत बनी बारिश

डिजिटल डेस्क,गड़चिरोली। लगातार दो दिनों से गड़चिरोली जिले में हो रहीं अतिवृष्टि के कारण जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हुआ है। शनिवार को तकरीबन 500 गांवों का संपर्क कटा रहा। नदी व नालों में आयी बाढ़ के कारण सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त होकर राज्य के वित्त व नियोजन मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बाढग़्रस्त को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश  दिए हैं। 

नाले में  बहा शख्स

जानकारी के अनुसार मुलचेरा तहसील में गणेश विसर्जन के लिए गया एक व्यक्ति नाले में बह गया। नाले में बहे व्यक्ति का नाम तहसील के बारसवाड़ा गांव निवासी भगीरथ मोतीराम हिवरकर (40) बताया गया है। शनिवार को भामरागढ़ की पर्लकोटा नदी ने उग्र रूप धारण कर लेने से भामरागढ़ शहर के 60 फीसदी घरों में जलभराव की स्थिति निर्माण हो गयी है। राजस्व प्रशासन ने तकरीबन 500 लोगों का सुरक्षित स्थान पर स्थलांतरण किया  गया है। गोसीखुर्द और चामोर्शी तहसील के चिचड़ोह बैरेज के सभी दरवाजे खोले जाने के कारण जिले की नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिसके चलते बाढ़ की स्थिति बनीं हुई है। लगातार हो रहीं बारिश के कारण जिले के सैंकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। वहीं भामरागढ़ शहर मुख्यालय में 48 घंटों से बिजली समेत मोबाइल व इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से जिला प्रशासन सैटेलाइट फोन से संपर्क बनाए हुए है। शनिवार को जिले के कुल 17 महामार्गों का यातायात बाढ़ के कारण ठप  रहा।  

गोसीखूुर्द के 33 और चिचडोह के 38 दरवाजे खोले 

लगातार हो रही बारिश के कारण गोसीखुर्द और चिचड़ोह बैरेज के सभी दरवाजे खोले जाने के कारण जिले की नदियों का जलस्तर  बढ़ने लगा है। शनिवार को गोसीखुर्द के 25 दरवाजे डेढ़ मीटर और 8 दरवाजे एक मीटर से खोल दिए गये। इन दरवाजों में से 9 हजार  816  क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। व चामोर्शी तहसील के चिचडोह बैरेज के सभी 38 दरवाजे खोलने से 18  हजार 204  क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने बैरेज परिसर के गांवों को सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।