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 चुनाव में विवाद, आधा दर्जन विभागों के इंजीनियरों ने किया बहिष्कार 

 चुनाव में विवाद, आधा दर्जन विभागों के इंजीनियरों ने किया बहिष्कार 

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। इंजीनियर एसोसिएशन के चुनाव में जमकर विवाद हो गया। छिंदवाड़ा जनपद पंचायत में दिन भर गहमागहमी रही। स्थिति ये थी कि इंजीनियरों ने चुनाव कराने आए प्रदेश पदाधिकारी के सामने ही विरोध प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। इंजीनियरों के एक गुट का आरोप था कि चुनाव अधिकारी सिर्फ आरईएस के इंजीनियरों को ही वोटिंग में तवज्जों दे रहे हैं। बाकी इंजीनियरों को वोटिंग करने से रोका जा रहा है।मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की जिला इकाई अध्यक्ष और सचिव का चुनाव बुधवार को छिंदवाड़ा जनपद पंचायत कार्यालय में रखा गया था। 9 विभागों के इंजीनियर इस एसोसिएशन में शामिल है। जिसके अध्यक्ष पद का फैसला बुधवार को किया जाना था। इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष  सुरेश द्विवेदी सहित चुनाव अधिकारी छिंदवाड़ा आए थे, लेकिन वोटिंग के पहले ही विवाद होने से एसोसिएशन के एक गुट ने चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। देर शाम तक इस घटनाक्रम को लेकर छिंदवाड़ा जनपद पंचायत कार्यालय में गहमागहमी बनी हुई थी। 
150 से ज्यादा सदस्य है एसोसिएशन में 
डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन में डेढ़ सौ से ज्यादा सदस्य शामिल है। बुधवार को हुई चुनावी प्रक्रिया में 90 से 95 सदस्य आए थे, लेकिन विवाद के बीच वोटिंग नहीं हुई। आधे से ज्यादा सदस्य विवाद के चलते बिना वोटिंग किए ही जनपद कार्यालय से चले गए। 
दो पदाधिकारी खड़े थे अध्यक्ष पद के लिए 
अध्यक्ष पद के लिए दो पदाधिकारी चुनाव मैदान में थे। आरपी सोनी और प्रकाश चौरसिया ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था। जबकि सचिव पद के लिए दिनेश वैश्य को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। विवाद होने की वजह से प्रकाश चौरसिया ने अपना नामांकन वापस ले लिया। आरपी सोनी को निर्विरोध एसोएिसशन का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।  इसके अलावा विजय रघुंवशी को कोषाध्यक्ष, दिनेश जोहरे को कार्यकारी अध्यक्ष व अरसद हैदरी को जिला संयोजक निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। 
इनका कहना है... 
- चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। सभी इंजीनियरों ने चुनाव में हिस्सा लिया था। प्रकाश चौरसिया द्वारा खुद ही नामांकन वापस लिया गया है। 
सुरेश द्विवेदी प्रदेशाध्यक्ष, मप्र. इंजीनियर डिप्लोमा एसोसिएशन 
- चुनाव निर्वाचन अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया नियमानुसार नहीं कराई। एसोसिएशन के सदस्यों को ही वोट डालने से रोका जा रहा था। जिस वजह से आरईएस के अलावा बाकी विभागों के इंजीनियरों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। 
हेमंत पिल्ले पूर्व जिलाध्यक्ष, डिप्लोमा एसोसिएशन 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।