दैनिक भास्कर हिंदी: नसीरुद्दीन शाह के बयान पर बढ़ा बवाल, फिल्म फेस्टिवल में जलाए एक्टर के पुतले

December 22nd, 2018

डिजिटल डेस्क,अजमेर । एक्टर नसीरुद्दीन शाह के बयान पर बवाल थमने की बजाए बढ़ता जा रहा है। राजस्थान के अजमेर शहर में आयोजित लिटरेचर फिल्म फेस्टिवल में शाह का विरोध हो रहा है। दरअसल बवाल शाह के उस बयान पर मचा है जिसमें अभिनेता ने कहा था कि 'देश का माहौल देख कर उन्हें अपने बच्चों की चिंता होती है। कल को उनके बच्चों को किसी गली में घेर कर यह न पूछ लिया जाए कि तुम हिंदू हो या मुस्लिम।' जिसके बाद से ही शाह का विरोध हो रह है। अमजेर फिल्म फेस्टिवल में शाह के आने की खबर के बाद से ही उनका विरोध किया जा रहा है।

 

दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने जलाए शाह के पुतले

आपको बता दें, नसीरुद्दीन शाह शुक्रवार को अजमेर के उसी स्कूल में पहुंचे, जहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी। जिसके चलते स्कूल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने उनका जमकर विरोध किया। अभिनेता को यहां तीन दिन तक चलने वाले महोत्सव के पांचवे सत्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करना था। कार्यक्रम के पहले अनेक दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने नसीरुद्दीन शाह के पोस्टर पर स्याही भी फेंक दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के पोस्टर्स भी जलाए और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए युवाओं ने कहा कि अगर उन्हें यहां रहना है तो उन्हें वंदेमात्रम बोलना होगा।


बता दें, भारतीय जनता युवा मोर्चा ने अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के विरोध का एलान किया था। युवा मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा, ये देश के गद्दार का बयान है। जिस मुल्क से रोटी कमाई, दौलत कमाई आज उसी मुल्क से तुम्हे डर लग रहा है। देश को नीचा दिखाने के लिए आपने ऐसा बयान दिया। अजमेर का युवा जागरूक है और इस वजह से ये युवा उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन नहीं करने देगा।


 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में भीड़ द्वारा की गई हिंसा का परोक्ष हवाला देते हुए कहा था कि एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। उनके इस बयान के लिए लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। अभिनेता का कहना है कि 'जहर पहले ही फैल चुका है' और अब इसे रोक पाना मुश्किल होगा। 

शाह ने कहा था, 'इस जिन्न को वापस बोतल में बंद करना मुश्किल होगा। जो कानून को अपने हाथों में ले रहे हैं, उन्हें खुली छूट दे दे गई है। कई क्षेत्रों में हम यह देख रहे हैं कि एक गाय की मौत एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा अहम है।' लोग दिग्गज अभिनेता के इस बयान से खफा नजर आए और उन्होंने नसीर को इसके लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया।