comScore

कोरोना ब्लास्ट: 40 संदिग्धों मरीजों की मौत, नए संक्रमित

April 14th, 2021 23:17 IST
कोरोना ब्लास्ट: 40 संदिग्धों मरीजों की मौत, नए संक्रमित



डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। जिले में कोरोना का कहर लगातार बना हुआ है। संक्रमण के साथ ही मौतों का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। बुधवार को जिले में 40 कोरोना संदिग्ध मरीजों की मौत हुई है। जिसमें शहर के परतला मोक्षधाम में 25, नागपुर रोड के देवर्धा मोक्षधाम में 11, कब्रिस्तान में दो और पांढुर्ना में दो मृतकों का कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया है। हालांकि प्रशासन से जारी कोविड बुलेटिन में सिर्फ एक मौत की पुष्टि की गई है। वहीं आरटीपीसीआर लैब से जारी रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 72 नए संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही जिले में एक्टिव केस बढ़कर 744 तक पहुंच गए हैं। जिनका इलाज जिला अस्पताल व होम आइसोलेट कर किया जा रहा है। कोरोना में बुधवार को अच्छी बात यह कि 69 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण की दर 7 से 10 फीसदी के बीच
अपनी दूसरी लहर में कोरोना लगातार कहर बरपा रहा है। सिम्स की आरटीपीसीआर लैब  में हर दिन जिले के एक हजार सेंपल की जांच की जा रही है। जिसमें संक्रमण की दर 7 से 10 फीसदी के बीच पाई जा रही है। अप्रैल में 1 से 14 तक के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 1089 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। एक अप्रैल को 48 लोग संक्रमित पाए गए थे। जबकि 10 अप्रैल को 108 पॉजिटिव मिले थे। जो अब तक का एक दिन में संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। बुधवार को जिले में 72 नए संक्रमित मिले हैं।
मृतकों में छिंदवाड़ा के ही 10 से ज्यादा:
शहर के पूजा लॉज के पास निवासी 35 वर्षीय युवक, रेलवे कॉलोनी की 62 वर्षीय महिला, पटेल कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय महिला, खजरी का 26 वर्षीय युवक, कोलाढाना का 47 वर्षीय युवक, बजरंग नगर की 31 साल की महिला, परतला के 70 वर्षीय बुजुर्ग, बसंत कॉलोनी के 68 वर्षीय बुजुर्ग, पातालेश्वर की 54 वर्षीय महिला, पोआमा के 42 वर्षीय युवक का बुधवार को मृत्यु हुई है। वहीं जिले के बेलगांव का 47 साल का युवक, आमगांव चांद का 30 वर्षीय युवक, उमरेठ का 50 वर्षीय व्यक्ति, टेमनीकला सांवरी के 73 वर्षीय बुजुर्ग, रिधोरा के 55 वर्षीय व्यक्ति, ब्राम्हणपिपला की 55 वर्षीय महिला, गोजर उमरनाला 40 वर्षीय महिला, मोहगांव हवेली के 52 वर्षीय व्यक्ति,जुन्नारदेव के 54 वर्षीय व्यक्ति, इकलहरा के 65 वर्षीय बुजुर्ग और चौरई के 52 वर्षीय व्यक्ति का परतला मोक्षधाम में कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया।
अस्पताल के हालात: दोपहर दो बजे परोसा भोजन:
जिला अस्पताल के आइसोलेशन यूनिट से लगातार लापरवाही की स्थिति सामने आ रही है। बुधवार को यहां भर्ती मरीजों को दोपहर दो बजे के बाद भोजन उपलब्ध कराया गया। शासकीय कर्मचारी एक मरीज की पत्नी ने तो भर्ती पति को भोजन समय पर उपलब्ध न होने से चिंतित होकर अस्पताल से ही छुट्टी करा ली। नाश्ता व भोजन में देरी को लेकर शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हंै।

कमेंट करें
x748A
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।