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कोरोना से हड़कंप : महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या 14 तक पहुंची, नागपुर के मेडिकल में 8 नमूने निगेटिव

कोरोना से हड़कंप : महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या 14 तक पहुंची, नागपुर के मेडिकल में 8 नमूने निगेटिव

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। गुरूवार को पुणे, मुंबई और ठाणे में एक-एक और मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। मुंबई में पॉजिटिव पाए गए मरीज की हालत ज्यादा गंभीर है। दुबई से आए इस मरीज की उम्र 65 साल से ज्यादा है। इसके अलावा पुणे में पॉजिटिव पाया गया मरीज अमेरिका जबकि ठाणे में पॉजिटिव मिला मरीज फ्रांस से लौटा है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 396 संदिग्धों के नमूनो की जांच की गई है जिनमें से 14 पॉजिटिव पाए गए हैं। मरीजों के करीब रहे लोगों को आईसोलेटेड वार्ड में रखा गया है इसके अलावा जो लोग थोड़ा कम करीब थे उन्हें 15 दिनों तक खुद अलग थलग रहने की सलाह दी गई है। कोरोना के सबसे ज्यादा 9 मरीज पुणे में हैं जबकि मुंबई में 3, और ठाणे, नागपुर में एक एक मरीज सामने आएं हैं। इसके अलावा केंद्र की सूचना के मुताबिक 7 देशों से आने वालों को 15 दिनों के लिए अलग-थलग रखने के इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे धार्मिक, राजनीतिक या भीड़भाड़ वाले दूसरे कार्यक्रमों की इजाजत न दें।  
 

नागपुर में मरीज पॉजिटिव पाने पर हड़कंप

उधर नागपुर में बुधवार को कोरोना का मरीज पॉजिटिव पाने पर हड़कंप मच गया। मरीज के परिजन को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) के वॉर्ड नंबर 25 में आइसोलेटेड करके रखा गया। वहीं, कुछ अन्य लोगों मिलाकर कुल 15 लोगों को अस्पताल में आइसोलेटेड करके रखा गया। उधर, सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसेप्ट ने अपनी कंपनी के कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से आईटी पार्क और मिहान स्थित दोनों ऑफिसों की छुट्टी कर कार्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया।

सभी 8 नमूने निगेटिव

मेयो में गुरुवार को 8 नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अच्छी बात यह है कि इसमें पॉजिटिव आए मरीज के ससुर के अलावा उक्त मरीज का उपचार करने वाले दोनों डॉक्टर के नमूने भी शामिल थे। वहीं, मेडिकल में भर्ती दुबई से आने वाले और जर्मनी मूल के मरीज के अलावा विदेश से3 आने वाले अन्य मरीज शामिल थे।

15 नमूने जांच के लिए भेजे

पॉजिटिव आए मरीज के परिवार वालों के अलावा उनके संपर्क में आने वाले करीब 15 लोगों को मेडिकल में लाया गया है जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए है।

इनको भेजा गया मेडिकल

उधर पाॅजिटिव 45 वर्षीय मरीज के परिवार के 5 सदस्यों के अलावा एक कर्मचारी शामिल हैं। इसमें माता-पिता, पत्नी और बेटा-बेटी शामिल है। वहीं, घर में काम करने के लिए आने वाली एक कामवाली बाई ऐसे कुल 6 लोगों को गुरुवार को मनपा की टीम घर लेने पहुंची, हालांकि किसी को भी किसी प्रकार के कोई लक्षण नहीं थे। सुबह 10.30 बजे इन सभी को मुख्य सचिव के निर्देश पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) में आइसोलेटेड वॉर्ड में रखा गया। वहीं इनके नमूनों को जांच के लिए इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) भेजा गया। इनके अलावा पॉजीटिव मरीज के परिवार में ससुर हैं, जिनको मेयो में आइसोलेटेड करके रखा गया है, जबकि सास अगल घर में रहती है और संपर्क में नहीं आई है जिस वजह से उनकी जांच नहीं की गई है। 

पॉजिटिव मरीज के साथ दोहा से नागपुर की यात्रा करने वाले 45 वर्षीय अभ्यंकर नगर निवासी व्यक्ति की जांच का नमूना लिया गया है। उसे मेडिकल में आइसोलेटेड करके रखा गया है। वहीं उसके परिवार में मां-बाप, 2 बेटियां, भाई और उसकी बेटी, 2 ड्राइवर ऐसे कुल 8 लोग है, जो उक्त व्यक्ति के सीधे संपर्क में आए हैं। सुबह इनको जांच के लिए लाने की तैयारी चल रही थी। दोपहर में उनको लाई जाने की खबर है।

मेडिकल में 16 को भर्ती किया

मेडिकल में 2 दुबई और जर्मनी मूल का संदिग्ध मरीज भर्ती है। वहीं, 6 लोग पॉजिटिव मरीज के परिवार और उसके साथ काम करने वाले सदस्य हैं। शेष 8 पॉजिटिव मरीज के साथ यात्रा करने वाला व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य बताए जा रहे है।

तीन डॉक्टरों से किया संपर्क

मरीज की पत्नी ने बताया कि सुबह दोहा के विमान से नागपुर आने के बाद से बुखार और गले में खराश की समस्या थी, जिस पर मरीज ने नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ को दिखाया। स्वास्थ्य लाभ नहीं मिला और बॉडी पेन की सहित अन्य समस्याएं होने लगी, तो श्रद्धानंदपेठ स्थित मेडिसिन विशेषज्ञ को दिखाया। यहां उपचार लेने के बाद बुखार हल्का कम हुआ, लेकिन गले की खराब कम नहीं हुई। जिसके बाद 11 मार्च को अपने पारिवारिक मित्र डॉक्टर से सलाह ली, तो उन्होंने लक्षण और विदेश यात्रा पर होने के चलते मेयो में कोरोना की जांच करवाने की सलाह दी। सुबह जांच की गई और रात को मरीज को कोरोना होने की पुष्टि हुई।

लक्षण के आधार पर दी सलाह

पारिवारक मित्र डॉक्टर ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि मुझे 11 मार्च को फोन कर पूछा था जिस पर बुखार, गले में खराब आदि लक्षण और पिछले दिनों वह विदेश यात्रा थे जिसके आधार पर उनको कोरोना की जांच की सलाह दी थी लेकिन दु:खद वह पॉजीटिव आई।

इन्फोसेप्ट ने कार्यालय बंद किया

बुधवार को इंफोसेप्ट कंपनी के व्यक्ति के पॉजिटिव आने के बाद कार्यालय और मिहान स्थित ऑफिस दोनों की ही छुट्टी कर दी। आईटी पार्क में करीब 120 कर्मचारी है जबकि मिहान में इससे दोगुना से अधिक कर्मचारी है। गुरुवार से कर्मचारियों को काम पर ना आने की सलाह दी गई। 

इसलिए विमानतल पर नहीं हुई जांच

पॉजिटिव मरीज 5 मार्च को विमानतल पर पहुंचा था उस दिन तक विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच करना अनिवार्य नहीं थी। उस व्यक्ति ने अपने सेल्फ रिस्पोंस फार्म में भी किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं बताई थी। दोहा से नागपुर पहुंचने के बाद दोपहर में विदेश से आने वाले प्रत्येक यात्री की कोरोना की जांच करना अनिवार्य की गई, लेकिन तब तक वह अपने घर पर पहुंच चुका था।

परिवार के सदस्यों की स्थिति

मरीज की बेटी सेंटर पॉइंट स्कूल में पढ़ती है, जबकि बेटा रामदेव बाबा कॉलेज में पढ़ता है, जिसकी क्लास में करीब 60 से 70 बच्चे है। वहीं पत्नी छोटे बच्चों की क्लास लेती है ऐसे में इन सभी जगहों पर भी ध्यान दिया जाने वाला है।

परिजनों के अलावा अन्य 14 के संपर्क में आया कोरोना रोगी

नागपुर में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटीव पाए जाने पर प्रशासन की नींद उड़ गई। विभागीय आयुक्त डॉ. कुमार ने बताया कि कोरोना पीड़ित रोगी परिजन के अलावा 14 लोगों के संपर्क में आने की जानकारी मिली है। संपर्क में आए सभी लोगों की जांच करने का निर्णय लिया गया है। जो अन्य 14 लोग रोगी के संपर्क में आए हैं, उनकी खोजबीन की जा रही है। नागपुर विभाग में 59 कोरोना संदिग्धों की जांच की गई है। इनमें 42 नागपुर और 15 वर्धा जिले के हैं। नागपुर में 11 व वर्धा में 2 समेत 14 संदिग्धों का उपचार चल रहा है। नागपुर एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के लिए विशेष दस्ता बनाया गया है और अब तक 604 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है।

जिलाधीश रवींद्र ठाकरे ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए सभी की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके लिए नागपुर में विशेष कक्ष तैयार किया गया है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता बरतनी चाहिए। विदेश से लौटे लोगों को खांसी, बुखार आता है, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने का आह्वान भी उन्होंने किया।


कलेक्टर रवींद्र ठाकरे को कोरोना की झूठी खबर वायरल 

जिलाधीश रवींद्र ठाकरे को कोरोना होने की खबर तेजी से वायरल हुई। कोरोना संक्रमित होने की अफवाह फैलाई गई थी। बताया गया कि अमेरिका से लौटने के बाद कोरोना संक्रमित हो गए। इस पर रवींद्र ठाकरे ने स्पष्ट किया कि अमेरिका तो दूर काम की व्यस्तता के कारण दूसरे शहर तक नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें किसी तरह का कोरोना नहीं हुआ है। ऐसी अफवाहाें पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उधर आकाशवाणी नागपुर के प्रभारी स्टेशन डायरेक्टर हरीश पाराशर ने भी इसतरह की खबर प्रसारित करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे अफवाह बताया।

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