छिंदवाड़ा: कोरोना संदिग्ध मरीजों को सामान्य वार्ड में करा रहे शिफ्ट, बढ़ा संक्रमण का खतरा

January 14th, 2022

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। कोरोना की तीसरी लहर में तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है। रोजाना दहाई के आंकड़े मेें कोरोना पेशेंट सामने आ रहे है। इधर जिला अस्पताल में आने वाले कोरोना संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने को लेकर गाइड लाइन स्पष्ट न होने से ड्यूटी डॉक्टर उलझन में है। दूसरी लहर में संदिग्ध मरीजों के लिए कोरोना यूनिट में भर्ती करने की व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन इस बार ऐसी व्यवस्था न होने से संदिग्ध मरीजों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कराया जा रहा है। ऐसे मेें कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है।
परासिया रोड पर क्लीनिक चला रहे मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक समेत शहर के अन्य निजी क्लीनिक और अस्पतालों से कोरोना संदिग्ध मरीजों को आरटीपीसीआर कराने के साथ जिला अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे मरीजों को कहां भर्ती करना है। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। सैंपल देने के बाद भी मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।
दूसरे दिन रिपोर्ट, तब तक सामान्य वार्ड में भर्ती-
आरटीपीसीआर लैब से दूसरे दिन संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट जारी की जा रही है। सामान्य वार्ड में भर्ती कोरोना संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट यदि पॉजीटिव आती है तब उसे कोरोना यूनिट में शिफ्ट कराया जाता है। इस दौरान अन्य मरीज भी संक्रमित हो सकते है।
सैंपल देने के बाद खुले घूम रहे संदिग्ध-
जिला अस्पताल की लैब से रोजाना लगभग १५० लोगों के सैंपल लिए जा रहे है। यहां से स्टाफ द्वारा संदिग्ध को होम आइसोलेट होने हिदायत दी जाती है, लेकिन अधिकांश संदिग्ध कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते। ऐसे में कोरोना के संक्रमण के फैलने की संभावना अधिक है।
अब एचडीयू और ट्रायज में बना रहे व्यवस्था-
जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा ऐसे मरीज जिन्होंने कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया है, उन्हें प्रोटोकॉल के तहत एचडीयू या कोरोना ट्रायज में भर्ती की व्यवस्था बनाई जा रही है। ताकि वे दूसरों को संक्रमित न कर सके। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कोविड यूनिट से संदिग्ध को छुट्टी दे दी जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी-
कोरोना संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने एचडीयू या कोरोना ट्रायज मेें व्यवस्था बनाई जा रही है। रिपोर्ट आने तक उन्हें यूनिट में रखा जाएगा।