comScore

संकट में कपास उत्पादक किसान, 13 को सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेगी भाजपा

संकट में कपास उत्पादक किसान, 13 को सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेगी भाजपा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कपास व चना उत्पादक किसानों को संकट में बताते हुए भाजपा ने राज्य सरकार के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी की है। 13 जून शनिवार दोपहर 2 बजे संविधान चौक पर सांकेतिक प्रदर्शन होगा। पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि सरकार ने ही पूरा कपास खरीदने का वादा किया है, लिहाजा वह 15 दिन में अपना वादा पूरा करें। गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकार वार्ता में बावनकुले बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा, विदर्भ में 1 लाख किसानों का कपास उनके घर में ही पड़ा है। खराब हो रहा है। कपास खरीदी के लिए ग्रेडर नियुक्त नहीं होने से किसानों को परेशानी हो रही है। कई किसानों ने व्यापारियों को कम दामों पर कपास बेचा है। कपास खरीदी केंद्रों पर व्यापारियों का  ही प्रभाव है। खाद बीज मिलने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। कपास किसानों के लिए कोरोना से भी अधिक संकट है। कपास नहीं बिक पाने के कारण वे अगली फसल लगाने में भी अस्मर्थ हो जाएंगे। खरीफ फसल के लिए सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। बिजली बिल की परेशानी है। पत्रकार वार्ता में विधायक समीर मेघे, पूर्व विधायक सुधीर पारवे, भाजपा के जिला अध्यक्ष अरविंद गजभिये, पूर्व अध्यक्ष राजीव पोतदार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

ये हैँ प्रमुख मांग

-किसानों को बीज खाद उनके गांव में ही मिले। राशन दुकान जैसे सरकारी बीज बिक्री केंद्र गांवों में खोलें।
- ब्याज के बिना फसल कर्ज की तत्काल व्यवस्था करायी जाए।
- किसानों से कपास,चना खरीदकर उन्हें राहत दें।
-300 यूनिट तक के बिजली बिल माफ करें।

ये भी कहा

कपास खरीदी के लिए जिनिंग प्रेसिंग को अधिकार देना था, लेकिन राज्य सरकार ने यह अधिकार बाजार समिति को दिया है। खरीद प्रक्रिया सुधारने की आवश्यकता है। 28 हजार किसानों के बिजली बिल बकाया होने के बाद भी फडणवीस के नेतृत्व की सरकार ने किसानों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे थे। 300 यूनिट तक बिजली बिल माफी के लिए राज्य सरकार आर्थिक पैकेज में महावितरण का सहायता देने की उपाययोजना करें। अब तक केवल 5 प्रतिशत फसल कर्ज वितरण हुआ है।
 

कमेंट करें
8fd0g