दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के किसानों को फसल बीमा कंपनियां नहीं दे रही क्लेम, शिवसेना सांसदों की हुई पीएम से मुलाकात

July 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल बीमा की राशि दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को शिवसेना के सांसद प्रधानमंत्री को मिले। इस दौरान सांसदों ने प्रदेश के किसानों के साथ बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी और इसमें लिप्त अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। संसद भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान शिवसेना सांसदों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कहा गया है कि विदर्भ, मराठवाडा और कोकण क्षेत्र के लगभग सभी जिलों के किसानों ने अपने फसल बीमा की राशि केन्द्र और राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार सभी खरीफ फसलों के लिए बजाज आलियांज जनरल इन्शुरन्स और इफको-टोकियो जनरल इन्शुरन्स और अन्य निजी बीमा कंपनियों में जमा करा दी थी।

बीमा कंपनियों की ओर से प्राप्त आंकडों के हवाले से प्रधानमंत्री को इस तथ्य से अवगत किया कि वर्ष 2018-19 के दौरान प्रदेश के कुल 139.98 लाख किसानों ने 59343 लाख रुपये बीमा में भुगतान किया। राज्य सरकार 209245 लाख और केन्द्र सरकार ने 209245 लाख रुपये का बीमा भुगतान किया। कंपनियों को बीमे की कुल राशि 477833 लाख रुपये प्राप्त हुई, लेकिन इसमें से 52 फीसदी ही राशि किसानों को दी गई है। शेष 473147 लाख रुपये की राशि कंपनियों के पास जमा है। प्रदेश के किसान इन दिनों सूखे और कर्ज से परेशान है ऐसी गंभीर परिस्थिति में भी कंपनियों की ओर से फसल बीमा की राशि नही दी जा रही है।

इस दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में शिवसेना की ओर से प्रधानमंत्री को कुछ सुझाव भी दिए गए। इसमें किसानों को फसल बीमा अनिवार्य न करते हुए उसे स्वेच्छीक किया जाए, बीमा इन्शुरन्स कंपनी का कार्यालय तहसील स्तर पर हो, प्रचलित पद्धति के बजाय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा हर वर्ष किसानों के उत्पाद के बारे में जुटाए आंकडों के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाए, इस योजना का मुल्यांकन मौजूदा फसल-पानी और जमीनी तौर पर करने के बजाया इसके मापदंड को गाव-ग्राम स्तर पर किया जाए आदि शामिल है। शिवसेना संसदीय दल के नेता संजय राऊत के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को मिले प्रतिनिधिमंडल में सांसद प्रतापराव जाधव, विनायक राऊत, राजन विचारे, श्रिकांत शिंदे, श्रीरंग बारणे, हेमंत पाटिल, राजेन्द्र गावित, हेमंत गोडसे, राहुल शेवाले और संजय जाधव शामिल थे।

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