दैनिक भास्कर हिंदी: नक्सली सप्ताह : गतिविधियों पर होगी 32  ड्रोन कैमरे से निगरानी, विफल करने CRPF तैयार

July 27th, 2018

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली। नक्सली सप्ताह विफल करने के लिए अब CRPF ने कमर कस ली है। केंद्र सरकार ने हाल ही में CRPF के जवानों को और अधिक मजबूत करने के लिए कुल 32  ड्रोन कैमरे खरीद लिए हैं। इन कैमरों के माध्यम से अब जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रही हर नक्सली गतिविधि पर CRPF के जवान नजर बनाए रखेंगे। 

सूत्रों के अनुसार शनिवार से शुरू होने जा रहे नक्सली सप्ताह को विफल करने की CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष नीति तैयार कर ली है। इस नीति में 32  ड्रोन कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बता दें कि, केंद्र सरकार ने  जिले में नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ कर फेंकने के लिए CRPF की कुल 5 बटालियन तैनात किए हैं।  इन बटालियन में तकरीबन 6  हजार जवान शामिल हैं। जिले के प्राणहिता पुलिस उपमुख्यालय में CRPF की 9 व 37 बटालियन, धानोरा में 113 बटालियन, देसाईगंज (वड़सा) में 191 और गड़चिरोली मुख्यालय में 192 बटालियन कार्यरत है। देसाईगंज की 191 बटालियन को एटापल्ली तहसील के सुरजागढ़ पहाड़ी में तैनात किया गया है। वहीं अन्य बटालियन के जवान सी-60 जवानों के साथ मिलाकर रोजाना नक्सली खोज मुहिम चला रहे हैं। केंद्र सरकार ने इन जवानों को आधुनिक हथियार उपलब्ध करवाए हैं।

28 जुलाई से नक्सली सप्ताह आरंभ होगा, जो 3 अगस्त तक चलेगा।  बता दें कि, नक्सली इस सप्ताह के दौरान विध्वसंक घटनाओं को अंजाम देते हैं। आगजनी समेत हत्या व विकास कार्यों को प्रभावित करने का कार्य नक्सलियों द्वारा किया जाता है। इस वर्ष CRPF की सारी बटालियन ने नक्सलियों के इन मनसूबों को नाकाम करने के लिए एक विशेष नीति तैयार कर ली है। कुल 32  ड्रोन कैमरों की सहायता से बटालियन के जवान नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। बता दें कि, केंद्र सरकार ने इसके लिए 32  ड्रोन कैमरे हाल ही में खरीदे हैं। जिले में कार्यरत सभी बटालियन के मुख्यालय में इन कैमरों का प्रशिक्षण जवानों को दिया जा रहा है। 

सीमाएं सील, रेड अलर्ट जारी 
शनिवार से आरंभ होने जा रहे नक्सली सप्ताह के दौरान जिला पुलिस ने छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं को सील करके सभी स्थानों पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि, नक्सली अपने मृत साथियों की याद में प्रतिवर्ष 28 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान नक्सली सप्ताह मनाते हैं। इस वक्त वे नक्सली स्मारक बनाते हैं। लोगों में दहशत निर्माण करते हैं। इसी पाश्र्वभूमि पर सी-60 कमांडोज ने भी चौकसी  बढ़ा दी है।