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डीबी स्क्वॉड में वसूली के बंटवारे में खींचतान, एक दूसरे पर संदेह कर रहे कर्मचारी

डीबी स्क्वॉड में वसूली के बंटवारे में खींचतान, एक दूसरे पर संदेह कर रहे कर्मचारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सेंट्रल एवेन्यू पर गीतांजलि चौक के पास होटल स्काईलार्क के पीछे आरोपियों से पैसे की उगाही कर छोड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब इस मामले में तहसील थाने की दोनों डीबी स्क्वाॅड के कर्मचारियों की आपस में खींचतान शुरू हो गई है। हर कोई एक दूसरे को संदेह की नजर से देख रहा है। चर्चा है कि इस प्रकरण में दो हवलदारों से पूछताछ करते ही सारे राज से पर्दा उठ जाएगा। इन हवलदारों में किशोर और प्रमोद का नाम सामने आ रहा है। थाने के एक एएसआई संजय भी इस मामले को उजागर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। चर्चा यह भी है कि आखिर किस अपराध के तहत दोनों आरोपी पर धारा 151 की कार्रवाई की गई। तहसील पुलिस ने आरोपी की कार को थाने लेकर गए थे। इस दौरान एक दोपहिया वाहन को भी थाने में ले जाया गया था। बाद में कार और दोपहिया वाहन के साथ आरोपी को भी छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि आरोपी के पास से जो नकदी ली गई थी। उसका बंटवारा हो चुका है। अब वह रकम सभी को वापस लाकर देने की बात कही जा रही है। 

पहले भी रहे चर्चा में 
बता दें कि गत वर्ष तहसील थाने के डीबी स्क्वाॅड द्वारा इसी तरह से लाखों रुपए के सोना गबन का मामला भी चर्चा में रहा है। इस प्रकरण में हवलदार किशोर का नाम सुर्खियों में था। उस बार भी पुलिस आयुक्त डाॅ. भूषणकुमार उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लिया था, लेकिन सराफा व्यापारी के कदम पीछे खींच लेने से मामला शांत हो गया था। तब उस समय उस प्रकरण में संदेह के घेरे में आए पुलिस कर्मियों ने खूब शेखी बघारते हुए कहतेे फिर रहे थे कि क्या हुआ। ऐसे प्रकरण की खबर कुछ दिनों तक चर्चाओं में रहती है। बता दें िक आबू द्वारा ड्रग्स के कारोबार में मददगार बने चर्चित हवलदार जयंता सेलोट सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों को डिसमिस कर दिया गया है।

रिश्तेदारों की थाने में अधिकारी से बातचीत
सूत्रों ने बताया कि आरोपी के कुछ रिश्तेदार भी तहसील थाने पहुंचे थे। थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी के कमरे में बैठकर काफी देर तक बातचीत हुई। बंद कमरे में क्या बातचीत हुई। इस बारे में सूत्र जानकारी तो नहीं दे पाए, लेकिन उसके बाद ही आरोपी पर धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया गया। थाने से कार और दोपहिया वाहन को भी छोड़ दिया गया है। हालांकि यह रहस्य अभी भी बरकरार है कि वह दोपहिया वाहन किसका था। इस मामले को लेकर क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी पशोपेश में है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

क्या था मामला
बता दें कि गत दिनों सेंट्रल एवेन्यू पर गीतांजलि चौक के पास गली में एक कार में नमक कारोबारी का बेटा और उसके मित्र को रोका गया। उनकी तलाशी लेने पर दोनों के पास से 8 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किया गया। उसके बाद दोनों को थाने ले जाकर उन पर कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। मोमिनपुरा के ऑटो डीलर आतिक की मध्यस्थता में करीब सवा 6 लाख रुपए की लेनदेन किया गया।

माहिर खिलाड़ी हो सकते हैं बेनकाब
इस बार मामले को गंभीरता से लिया गया तो तहसील थाने के डीबी स्क्वाॅड के वे कर्मचारी बेनकाब हो जाएंगे, जो लूटखसोट में माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। सूत्रों की मानें तो पिछली बार एक विधायक के कहने पर इसी टीम ने एक व्यक्ति के 50 हजार रुपए वापस लौटाए थे, जो जांच कार्रवाई के नाम पर उस व्यक्ति की जेब से जबरन निकाल लिए गए थे। उस विधायक ने पुलिस निरीक्षक के पास शिकायत की तब पैसे वापस किए गए थे। उस समय यह मामला भी चर्चा का विषय बन गया था, जिसमें पाटील नामक पुलिस अधिकारी पर गाज गिरी थी।

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