दैनिक भास्कर हिंदी: एक्शन में कलेक्टर, बोले- समय पर होना चाहिए फ्लाईओवर का काम

September 7th, 2017

डिजिटल डेस्क,सतना। शहर के अंदर नेशनल हाइवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास हुए हादसे में एक युवती की दर्दनाक मौत हो जाने के बाद प्रशासन एक्शन में आया है। कलेक्टर नरेश पाल ने फ्लाईओवर प्रोजेक्ट से जुड़े सभी पक्षों को एक बैठक बुलाकर तलब कर लिया। 

गौरतलब है कि बैठक में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर चर्चा के दौरान कलेक्टर नरेश पाल उस वक्त नाराज हो गए जब उन्हें यह पता चला कि सर्विस लेन का काम पहले किए जाने के प्रावधान के बावजूद उसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने ब्रिज कॉर्पोरेशन के ईई से दो टूक शब्दों में कहा कि अब तक आप क्या देखते रहे। कलेक्टर ने ईई परिहार से सवाल किया कि सर्विस लेन पहले बननी चाहिए थी या ब्रिज का काम पहल होना चाहिए था। डीपीआर में क्या प्रावधान है। जवाब में ईई ने बताया कि बननी तो पहले सर्विस लेन ही चाहिए थी, लेकिन जगह नहीं होने के कारण पहले ब्रिज का काम शुरू किया गया। डीपीआर में भी पहले सर्विस लेन बनाने का ही प्रावधान है। यह सुनते ही नाराज हुए कलेक्टर ने कहा कि अगर जगह की दिक्कत थी तो इसकी जानकारी हमें क्यों नहीं दी गई। एसडीएम को क्यों नहीं बताया गया। जगह देना हमारा काम है,हम इसे करते। उन्होंने एसडीएम बलवीर रमण को निर्देश दिए कि सोमवार से नाप जोख शुरू कराएं,मार्किंग कराएं ताकि सर्विस लेन का काम शुरू हो सके। फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान ईई ब्रिज कॉर्पोरेशन परिहार, ठेका कंपनी के प्रतिनिधि, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, SDM बलवीर रमण भी मौजूद रहे।

नहीं दे सकते मोहलत
कलेक्टर ने ठेका कंपनी के लोगों से कहा कि मार्किंग होते ही सर्विस लेन का काम शुरू कराएं। ठेका कंपनी के लोगों ने कहा हमने 15 अक्टूबर से काम कराने को कहा है, लेकिन कलेक्टर इस पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा 15 अक्टूबर तक का समय नहीं दिया जा सकता। यह काम पहले होना चाहिए था अब तक नहीं हुआ इसलिए अब लेटलतीफी नहीं चलेगी। जो भी डीपीआर में है काम उसी हिसाब से होना चाहिए।पहले सर्विस लेन बनाई जाए फिर ड्रेन का काम हो और पोल शिफ्ट किए जाएं। 

निगमायुक्त ने दिखाई सख्ती
बैठक में मौजूद नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने भी सख्त रवैया अख्त्यार करते हुए ठेका कंपनी के कामकाज और तरीके पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार कहे जाने के बावजूद अभी तक डीपीआर तक नहीं दिखाया गया। जहां जैसे मन पड़ा बिजली के खंभे शिफ्ट करा दिए गए। ड्रेन के लिए जगह चाहिए इसका भी ख्याल नहीं रखा गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों 15 अक्टूबर के पहले सर्विस लेन का काम शुरू नहीं किया जा सकता। जवाब आया कि बारिश का मौसम है। यह सुनते ही निगमायुक्त ने कहा वहां कौन सा डामर का काम करना है जो बारिश में नहीं हो सकता,वहां तो सीसी वर्क होना है जिसके लिए बारिश का समय बहुत अच्छा है। आप प्री कास्ट लगा रहे हैं इसलिए भी आप को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सर्विस लेन के लिए जितनी चौड़ाई डीपीआर में है उतनी चौड़ाई में काम भी होना चाहिए। कलेक्टर ने ब्रिज कॉर्पोरेशन के अफसरों और ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा कि वे नगर निगम के साथ संपर्क में रहें और अपने मन से निर्णय लेने के बजाय प्रशासन के साथ चर्चा करें।
 

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