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विभागों का बंटवारा : 20 साल बाद नागपुर को मिला पीडब्ल्यूडी, जानिए किसके पास कितने विभाग

विभागों का बंटवारा : 20 साल बाद नागपुर को मिला पीडब्ल्यूडी, जानिए किसके पास कितने विभाग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य के पीडब्ल्यूडी अर्थात सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग की कमान नागपुर के जनप्रतिनिधि को मिली है। उत्तर नागपुर के विधायक डॉ.नितीन राऊत पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री बनाए गए हैं। उन्हें अन्य विभागों की भी जिम्मदारी दी गई है। 20 वर्ष पहले नितीन गडकरी इसी विभाग के मंत्री बने थे। उड़ानपुलों व महामार्ग निर्माण के माध्यम से उन्होंने अपने कार्यकौशल के साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग को नई पहचान दी थी। अब नितीन राऊत से उम्मीदें रहेगी। राज्य में मंत्री रहते हुए गडकरी नागपुर के पालकमंत्री भी थे। राऊत समर्थकों को उम्मीद है कि राऊत को नागपुर का पालकमंत्री बनाया जाएगा। शिवसेना कांग्रेस व राकांपा गठबंधन की सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व 6 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन मंत्रियों के विभाग तय नहीं हो पाए थे। विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन 16 दिसंबर से नागपुर में ही शुरु होने जा रहा है। लिहाजा मंत्रियों के विभाग तय किए गए। इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व की सरकार में भी राऊत मंत्री रहे हैं। पशुसंवर्धन, दुग्धविकास , जल संधारण के अलावा अन्य विभागों के मंत्री रहे है। इस बार उन्हें विभाग मिलने को लेकर काफी उत्सुकता थी। राऊत को आदिवासी व महिला बाल विकास विभाग , वस्त्रोद्याेग की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अलावा मदद व पुनवर्सन मामले की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। राज्य में कृषि संकट की स्थिति है। कृषि क्षेत्र में राहत व उपाययोजना के मामले में राऊत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हो सकती है। 1995 में शिवसेना के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनी थी। तब मंत्रिमंडल के विस्तार में गडकरी को मंत्री बनने का मौका मिला था। वे पीडब्ल्यूडी मंत्री बने तब तक इस विभाग को अधिक महत्वपूर्ण भी नहीं माना जाता था। लेकिन गडकरी ने विकास योजनाओं के माध्यम से वाहवाही बंटोरी। शिवसेना प्रमुख बालठाकरे ने गडकरी को की सराहना करते हुए पुलकरी भी कहा था। फिलहाल गडकरी केंद्र में सड़क परिवहन मंत्री हैं। राज्य में सड़क विकास के लिए राऊत को गडकरी से सहयोग लेना होगा। नागपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने साढे तीन सौ करोड की आईआडीपी सड़क विकास योजना लायी थी। उससे शहर विकास के कार्यों को गति मिली।

शिवसेना को मिला गृह-नगर विकास और वित्त, एनसीपी-कांग्रेस को राजस्व व उर्जा

गुरुवार को मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंत्रियों के विभागों की सूची जारी की। इसी के साथ यह भी साफ हो गया कि किस पार्टी के पास कौन-कौन सा विभाग होगा। शिवसेना गृह, उद्योग और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखने में सफल रही है जबकि राकांपा को वित्त, राजस्व, गृह निर्माण व स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं। राजस्व विभाग, महिला व बाल कल्याण, उर्जा और पीडब्लूडी जैसे महकमे कांग्रेस के हिस्से आये हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास नहीं रखा है। फिलहाल सारे विभागों का बंटवारा 6 मंत्रियों के बीच हुआ है। विधानमंडल के नागपुर अधिवेशन के बाद होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इन मंत्रियों के कुछ विभाग नए मंत्रियों को दिए जाएंगे। फिलहाल शिवसेना के मंत्रियों के पास 22, राकांपा व कांग्रेस के पास 13-13 विभाग हैं।  

उद्धव बालासाहेब ठाकरेः- मुख्यमंत्री: वे विभाग या उनके कुछ हिस्से जिन्हें किसी भी मंत्री को नहीं दिया गया है।
एकनाथ संभाजी शिंदे:- गृह, नगर विकास, वन, पर्यावरण, जल आपूर्तिव स्वच्छता, मृदा-जल संरक्षण, पर्यटन, सार्वजनिक निर्माण (एमएसआरडीसी), संसदीय कार्य, भूतपूर्व सैनिक कल्याण।
छगन भुजबल:- ग्रामीण विकास, जल संसाधन-क्षेत्र विकास, सामाजिक न्याय व विशेष सहायता, राज्य उत्पाद शुल्क (आबकारी), कौशल्य विकास और उद्यमिता, खाद्य और औषध प्रशासन (एफडीए)
विजय उर्फ बालासाहेब भाऊसाहेब थोरातः- राजस्व, ऊर्जा और अपरंपरागत ऊर्जा, मेडिकल शिक्षा, स्कूली शिक्षा, पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन।
सुभाष राजाराम देसाईः- उद्योग और खनन, उच्च व तकनीकी शिक्षा, खेल और युवा कल्याण, कृषि, रोजगार गारंटी योजना, बागवानी, परिवहन, मराठी भाषा, सांस्कृतिक गतिविधियां, भूकंप पुनर्वास, बंदरगाह और खरबूजा विकास।
जयंत राजाराम पाटिलः- वित्त और योजना, आवास, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सहयोग और विपणन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण, श्रमिक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
डॉ नितिन काशीनाथ राउतः- सार्वजनिक निर्माण (पीडब्लूडी), आदिवासी विकास, महिला-बाल विकास, वस्त्र उद्योग, सहायता व पुनर्वास, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जातियां, जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग।

किसके पास कितने विभाग

शिवसेना-22
राकांपा   13
कांग्रेस    11

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