दैनिक भास्कर हिंदी: मेहुल चोकसी की कोई बात न सुने अदालत - ईडी ने हाईकोर्ट में की मांग

June 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक के करोड़ो रुपए घोटाले के मामले में आरोपी मेहुल चोकसी भगौड़ा व फरार आरोपी है। इसलिए उसके किसी भी आवेदन पर विचार न किया जाए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बांबे हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर यह मांग की है। ईडी ने यह हलफनामा चोकसी के दो आवेदनों के जवाब में दायर किया है। अपने एक आवेदन में चोकसी ने कहा है कि वह तबीयत ठीक न होने के चलते भारत आने में असमर्थ है। इसके अलावा डाक्टरों ने मुझे लंबी यात्रा करने से मना किया है। इसलिए मुझे भगौड़ा आर्थिक अपराधी न घोषित किया जाए। दूसरे अावेदन में चौकसी ने उन लोगों से जिरह करने की इजाजत मांगी है जिनके बयान के आधार पर उसे भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। पिछले दिनों निचली अदालत ने चोकसी को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। जिसके खिलाफ चौकसी ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया है। 

आर्थिक भगौड़ा घोषित करने के खिलाफ चोकसी ने दायर किए हैं आवेदन 

सोमवार को यह आवेदन न्यायमूर्ति इंद्रजीत मंहती व न्यायमूर्ति एएम बदर की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आया। इस दौरान ईडी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता हितेन वेणेगांवकर ने खंडपीठ के सामने हलफनामा दायर किया। हलफनामे में कहा है कि चोकसी पर 6 हजार करोड़ रुपए के गबन व मनीलांडरिंग का आरोप है। इस मामले में कोर्ट ने चोकसी को कई बार समन व गैर जमानती वारंट जारी किया है। फिर भी चोकसी ने जांच में सहयोग की दिशा मेें कोई पहल नहीं की है। वह फरार व भगौड़ा आरोपी है। वह जानबूझकर कोर्ट व ईडी के सामने हाजिर होने से बच रहा है। जो दर्शाता है कि उसके मन में कानून व कोर्ट के प्रति कोई सम्मान नहीं है। वह अदालत के साथ लुका छिपी का खेल खेल रहा है। ताकि वह भारत में आपराधिक मुकदमों से बच सके। चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है जो दर्शाता है कि उसकी भारत आने व मामले की जांच में सहयोग करने की कोई इच्छा नहीं है। जहां तक चोकसी के स्वास्थ्य से जुड़ी बात है तो वह भारत में भी अपना इलाज करा सकता है। इसलिए चोकसी की ओर से दायर किए गए दोनों आवेदनों को रद्द कर दिया जाए और उस पर बड़ा जुर्माना लगाया जाए। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।