दैनिक भास्कर हिंदी: सूख रहे भंडारा जिले के जलाशय, शेष है मात्र 9 फीसदी पानी, बारिश का इंतजार

June 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, भंडारा।  जिले में जल संकट के हालत काफी बिगड़े हुए  हैं। जिले के लघु, मध्यम व पूर्व मालगुजारी तालाब में पानी काफी कम बचा हुआ है। शासन के लाभक्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाला लघु सिंचाई विभाग अंतर्गत भंडारा जिले में कुल 63 प्रकल्पों में करीब 9.63  फीसदी ही जलसंचय बचा है। बीते वर्ष प्रतिवर्ष की अपेक्षा कम बारिश होने से जलाशय में पानी की मात्रा कम हो चुकी है। बता दें कि लघुसिंचाई विभाग अंतर्गत भंडारा में चार मध्यम प्रकल्प हैं। इन प्रकल्पों में केवल 13.26  फीसदी जलसंचय है। इसमें चांदपुर मध्यम प्रकल्प में 18.25  फीसदी, बघेड़ा में 8.42  फीसदी, बेटेकर और सोरना के जलाशय में उपयुक्त जलसंचय नहीं है।

उल्लेखनीय है कि मध्यम प्रकल्प के अलावा जिले में कुल 31  लघु प्रकल्प हैं। वहीं  पुराने पूर्व मालगुजारी तालाब 28  हैं। इसमें 31  लघु प्रकल्प में उपयुक्त जलसंचय 8  फीसदी ही बच पाया है। पूर्व मालगुजारी तलाब में जलसंचय 6.12  फीसदी है। गोसेखुर्द बांध का पानी रोकने से वैनगंगा नदी के तट पर पानी का पर्याप्त संचय उपलब्ध है  जलाशयों में पानी काफी कम होने के कारण ही शहर के लोगों को पानी की तीव्र समस्या हो रही है। जिले में कुल 63  प्रकल्प में केवल 11.72  दश लक्ष घनमीटर  पानी का उपयुक्त संचय है।  बीते वर्ष 1  जून 2018  को 63  प्रकल्प में 10.56  दश लक्ष घन मीटर जल संचय था। इसलिए यह स्थिति निर्माण होने की जानकारी दी जा रही है।

सूख गए जिले के 27  प्रकल्प 
बीते वर्ष के खरीब के मौसम में प्रतिवर्ष की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई। प्रकल्प में उपलब्ध पानी का योग्य उपयोग न करते हुए अपव्यय अधिक हुआ है। परिणामवश जिले के 27  प्रकल्प में पानी का संचय निरंक  है। इसमें 2 मध्यम, 8 लघु व 17 पूर्व मालगुजारी तालाब ऐसे कुल 27  प्रकल्प में पानी उपलब्ध नहीं है। इन 27 प्रकल्प में बेटेकर, बोथली, सोरणा, पवनारखारी, डोंगरला, नागठाणा, हिवरा, आमगांव, शिवनीबांध, कुंभली, गुढरी, एकोडी, चांदोरी, आमगांव, वलमाझरी, पिंडकेपार, परसोडी, लवारी, उमरी, सानगडी, केसलवाडा, रेंगेपार, कोहली, कन्हेरी, चान्ना, डोंगरगांव, एकलाझरी, दहेगांव प्रमुखता से शामिल  हैं। 

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