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नागपुर विश्वविद्यालय पर आर्थिक संकट, यस बैंक में जमा है 191 करोड़

नागपुर विश्वविद्यालय पर आर्थिक संकट, यस बैंक में जमा है 191 करोड़

डिजिटल डेस्क, नागपुर। यस बैंक ने विश्वविद्यालय के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है जबकि विश्वविद्यालय को देश के सम्पन्न महाविद्यालयों में गिना जाता है। चूंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने यस बैंक से 50 हजार रुपए से अधिक के व्यवहार करने पर रोक लगा दी है जबकि नागपुर विश्वविद्यालय का यस बैंक में करीब 191 करोड़ रुपए जमा होने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आरबीआई के यस बैंक से व्यवहार करने पर रोक लगाने से समस्त खाताधारक संकट में आ गए है। वर्ष 2018 में नागपुर विश्वविद्यालय ने आकर्षक ब्याज दर को ध्यान में रखकर 191 करोड़ रुपए जमा कर दिया है। विश्वविद्यालय को हर साल परीक्षा शुल्क सहित अन्य शुल्क के लिए करोड़ों रुपए मिलता है जो विभिन्न बैंकों में जमा किया जाता है। यस बैंक का उपयोग वेतन और विकासकार्य हेतु किया जाता था और विश्वविद्यालय को मिलने वाले अनुदान को बैंक में रखा जाता था जिस पर 8 फीसदी ब्याज मिलता है लेकिन इसी बीच आरबीआई ने यस बैंक से व्यवहार करने पर रोक लगाने से विश्वविद्यालय के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मामले में विश्वविद्यालय के वित्त व लेखा अधिकारी डॉ. राजू हिवसे का कहना है कि इससे कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है हम मामले में आरबीआई का मार्गदर्शन लेकर सुलझा लेंगे।

यस बैंक पर कुलगुरू को घेरा

शुक्रवार को विधि सभा की बैठक में सदस्य एड. मनमोहन वाजपेयी के साथ कई लोगों ने यस बैंक में पैसे रखने को लेकर कुलगुरु सिद्धार्थविनायक काणे से सवाल कर घेराव किया। कुलगुरु पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय बैंक में पैसा रखने के नियम के बाद भी निजी बैंक में पैसा रखने को क्यों प्राथमिकता दी गई। सदस्य डॉ.बबनराव तायवाडे ने पूछा कि बैंक में पैसा रखने की समयावधि को बढ़ाने का प्रस्ताव किसने रखा था, मामले की जांच होनी चाहिए जिस पर विश्वविद्यालय के विधि सदस्य मनमोहन वाजपेयी और सदस्य जोशी की जांच समिति गठित कर मामले की जांच की जाएगी।

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