दैनिक भास्कर हिंदी: महंगी हो सकती है बिजली, राऊत ने कहा - केंद्र ने ब्याज वसूला तो ग्राहकों पर पड़ेगा भार

May 15th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के ऊर्जामंत्री डॉ नितिन राऊत ने कहा कि कोरोना संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार का ऊर्जा क्षेत्र के लिए घोषित पैकेज यदि कर्ज के रुप में दिया गया और इसके लिए ब्याज वसूला गया, तो उसका भार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे भविष्य में बिजली मंहगी हो सकती है। 

‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में डा राऊत ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना संकट को देखते हुए डिसकॉम को 90 हजार करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया है। इसमें से बिजली कंपनियों को निधि मिलने वाली है। डॉ राऊत ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस निधि के लिए ब्याज वसूलेगी तो इसकी भरपाई ग्राहकों से अधिक बिजली बिल वसूल कर करनी पड़ेगी। इस लिए हमारी मांग है कि केंद्र सरकार इस पैसे के लिए ब्य़ाज न वसूल करे।

उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने मुधे ईमेल-मैसेज भेज कर लॉकडाउन में बिजली बिल से राहत देने  की मांग की है लेकिन इसके लिए हमें केंद्र से मदद नहीं मिल रही है। ऊर्जामंत्री ने कहा कि आज बिजली जीवनावश्यक चीजों में हैं। इस लिए इस क्षेत्र को सहुलियत मिलनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते बिजली मीटर रिडिंग नहीं हो पा रहा है लेकिन एवरेज बिजली बिल वसूली से ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों का वेतन देना मुश्किल हो जाएगा। इस लिए ऊर्जा विभाग को संभलने के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की अपेक्षा है।