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नालासोपारा में ठाकुर की हैट्रिक की राह में खड़े हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

नालासोपारा में ठाकुर की हैट्रिक की राह में खड़े हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

डिजिटल डेस्क, मुंंबई।  मुंबई से सटा नालासोपारा इलाका बहुजन विकास आघाड़ी का गढ़ माना जाता है। इलाके के बाहुबली कहे जाने वाले विधायक हितेंद्र ठाकुर के विधायक बेटे क्षितिज ठाकुर यहां जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस बार उनकी राह में खड़े हैं पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा। ठीक चुनाव से पहले पुलिस की नौकरी छोड़ने वाले शर्मा शिवसेना के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। शर्मा को उम्मीद है कि भाजपा का भी समर्थन मिलने के चलते वे इस बार यहां उलट-फेर करने में कामयाब होंगे। आम तौर पर यहां एकतरफा जीत की उम्मीद रहती थी, लेकिन इस बार मुकाबला वाकई दिलचस्प हो गया है।  

बाहुबली और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का मुकाबला
ठाकुर परिवार इलाके का बाहुबली माना जाता है। वसई, नालासोपारा, बोइसर, पालघर विधानसभा सीटों पर ठाकुर परिवार की पार्टी बहुजन विकास आधाड़ी का दबदबा रहता है। वसई से हितेंद्र ठाकुर जबकि नालासोपारा से उनके बेटे क्षितिज ठाकुर मैदान में हैं। फिलहाल पालघर सीट शिवसेना के कब्जे में हैं और पालघर लोकसभा सीट से शिवसेना के राजेंद्र गावित सांसद हैं। इलाके में सबसे दिलचस्प मुकाबला नालासोपारा सीट पर है, जहां दो बार विधायक रह चुके हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक क्षितिज के मुकाबले शिवसेना ने प्रदीप शर्मा को उतारा है। इलाके में करीब 5 लाख 13 हजार मतदाता हैं। यहां बिजली, पानी और सड़क जैसे मुद्दे ही चुनावों पर हावी हैं। शर्मा यहां के मराठी और उत्तर भारतीय मतदाताओं को खासतौर पर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां निरहुआ और रविकिशन जैसे भोजपुरी सुपरस्टारों और भाजपा नेताओं से भी चुनाव प्रचार कराया जा रहा है।   

विकास के मुद्दे पर कर सकता हूं बहसः  क्षितिज ठाकुर

Q - जीत की हैट्रिक लगाने को लेकर कितने आशावान हैं?
A - 100 फीसदी जीत होगी। पिछले 10 सालों में इलाके का जो विकास किया है, उसके आधार पर मैं यह दावे से कह सकता हूं। मैं कहीं बाहर से नहीं आया हूं। यहीं लोगों के बीच रहने वाला हूं। मैंने खुली चुनौती दी है, मैं उनके मंच पर भी जाकर इलाके के विकास और दूसरे मुद्दों पर बहस के लिए तैयार हूं।
Q- विरोधी दावा करते हैं कि आप और आपका परिवार लोगों को डराकर वोट लेते हैं?
A - वे लोग क्या कहना चाहते हैं कि वसई तालुका की पुलिस काम नहीं करती। दूसरे हिस्सों की तरह यहां भी स्वतंत्र चुनाव होते हैं। लोग खुद जाकर ईवीएम का बटन दबाते हैं, वहां कोई नहीं होता। यहां बूथ कैप्चरिंग नहीं होती। लोगों से पूछिए कि इलाके का विकास हुआ है या नहीं?
Q - पिछले विधानसभा चुनाव में शिवसेना-भाजपा अलग लड़ीं थीं, जबकि इस बार दोनों पार्टियां साथ हैं, क्या इससे नतीजों पर फर्क पड़ेगा?
A - बिल्कुल नहीं राजनीति में दो और दो चार नहीं होते। दोनों पार्टियों ने पिछली बार जितने वोट हासिल किए थे उन्हें मिलाकर भी मुझे ज्यादा लोगों का समर्थन मिला था। लेकिन इस बार जब दोनों पार्टियां साथ हैं तो गठबंधन के नाराज उनके कई समर्थक हमारे साथ आ खड़े हुए हैं और हमारे वोटर और बढ़ गए हैं। बाहरी उम्मीदवार के चलते भी हमारा समर्थन बढ़ा है। दोनों पार्टियों के नेता ही एक दूसरे को अपमानित कर रहे हैं।  
Q -- आप लोग अपनी और प्रदीप शर्मा की सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, इसकी क्या वजह है?
A - जो आदमी आपराधिक प्रवृत्ति का है। साढ़े तीन साल जेल में रह चुका है। आए दिन अपराधियों के साथ नजर आ रहा है। 53 करोड़ रुपए की पकड़ी गई ड्रग्स आरोपियों के साथ मिलकल बेचने का आरोपी हो। जिसके साथ सिर्फ डांस बार मालिकों की भीड़ नजर आ रही है। पुलिस खुद जिसके खिलाफ फर्जी एनकाउंटर, किडनैपिंग की जांच कर रही हो, वह कोई भी साजिश रच सकता है। हो सकता है वह खुद पर हमले की साजिश रचकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश करे। हमें इस तरह की साजिश की भनक लगी है, इसीलिए हमने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। 

माफियाराज खत्म करने आया हूं- प्रदीप शर्मा

Q -- क्या आप इस बार बहुजन विकास आघाड़ी के उम्मीदवार क्षितिज ठाकुर की हैट्रिक रोक पाएंगे?
A - हैट्रिक छोड़िए इस बार उनकी जमानत जब्त होने जा रही है। पिछले 10 सालों में वे एक बार भी जनता के बीच नहीं गए। लोगों ने सिर्फ उनके पोस्टर देखें हैं। पिछले 30 सालों से इन लोगों ने इलाके की जनता को परेशान कर रखा है। इस बार जनता को सही विकल्प मिला है और वह वोटों के जरिए जवाब देगी।
Q -- आप के लिए सबसे अहम मुद्दे कौन से हैं, जिनके लिए आप लोगों से वोट मांग रहे हैं?
A - मुंबई के इतने करीब होने के बावजूद इलाके का बिल्कुल विकास नहीं हुआ है। लोगों के घरों में छत से पानी आता है नलों से नहीं। पैसे लेकर टैंकरों से पानी पहुंचाया जाता है और उनके ही करीबी यह कारोबार करते हैं। विकास का काम बिल्कुल ठप पड़ा हुआ है। बस लोगों को बिजली पानी कनेक्शन काटने की धमकी देकर वोट लिया जाता है। यहां की 98 फीसदी जनता बदलाव चाहती है।
Q -- विरोधी आप पर अंडरवर्ल्ड और आपराधिक तत्वों से मिलीभगत के आरोप लगा रहे हैं। वे कहते हैं कि सहानुभूति के लिए आप खुद पर हमला करा सकते हैं 
A -- जब सामने हार दिख रही हो तो आदमी बौखला जाता है। अापराधिक प्रवृत्ति का मैं नहीं वे लोग हैं। टाडा जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं। इसीलिए इस तरह के ख्याल उनके दिमाग में आते हैं। जिन लोगों की तस्वीर मेरे साथ खींची गई असल में वे उनके (ठाकुर) ही करीबी हैं और जान-बूझकर भीड़ में मेरे करीब भेजकर तस्वीर निकाली गई जिससे मुझे बदनाम किया जा सके। रही बात सुरक्षा की तो वो मुझे पहले से मिली हुई है। 
Q -- जीत को लेकर इतने आश्वस्त क्यों हैं?
A -- शिवसेना से साथ-साथ भाजपा और आरपीआई जैसी पार्टियों का भी समर्थन है। साथ ही इलाके की जनता इन लोगों से त्रस्त है और विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहती है। लोगों ने अब बदलाव का मन बना लिया है। अब जमीन खिसकती देखकर बाहरी बनाम स्थानीय जैसे बेकार के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। 

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