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 उर्जा मंत्री का ऐलान - बिजली कर्मचारियों के वेतन में 32.50 फीसदी बढ़ोतरी

 उर्जा मंत्री का ऐलान - बिजली कर्मचारियों के वेतन में 32.50 फीसदी बढ़ोतरी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के बिजली कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिजली कर्मचारियों के वेतन में 32.50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के मूल वेतन में की गई है। सरकारी बिजली कंपनी महावितरण, महापारेषण व महानिर्मिति के कर्मचारियों के मूल वेतन में 32.50 फीसदी और विभिन्न तरह के भत्तों में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। गुरुवार को प्रकाशगढ में कर्मचारी यूनियनों के साथ हुई बैठक में ऊर्जा मंत्री ने यह घोषणा की। 31 मार्च 2018 के मूल वेतन में यह बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही महाराष्ट्र सरकार के नियमों के अनुसार 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा तकनीकी और गैर तकनीकी सहायक प्रवर्ग के कर्मचारियों के मानधन में भी बढ़ोतरी की जाएगी। अब उनको पहले साल 15 हजार, दूसरे साल 16 हजार और तीसरे वर्ष 17 हजार रुपए मानधन (वेतन) मिलेगा। इसी तरह ठेका वाले कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन के अलावा 20 फीसदी अतिरिक्त दिया जाएगा। वर्ग 4 के तकनीकी कर्मचारियों के मूल वेतन में 500 रुपए की वृद्धि की गई है। 

बढ़ा बीमा कवर, मिलेगा पेट्रोल भत्ता  

इसके अलावा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना व ग्रुप टर्म इंश्यूरेंस बीमा  की रकम 10 लाख से बढ़ा कर 20 लाख कर दी गई है। मोबाईल एप द्वारा मीटर रिडिंग करने वाले कर्मचारियों के वाहनों के लिए पेट्रोल भत्ता दिया जाएगा।      

एक महीने तक महावितरण के साथ रहेगा एसएनडीएल का स्टाफ

उधर महावितरण व एसएनडीएल के बीच हुए करार पर नजर डाले तो एसएनडीएल को टेक ओवर करने के बाद एक महीने तक एसएनडीएल का स्टाफ महावितरण के साथ मिलकर काम करेगा। इधर ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महावितरण एक महीने के अंदर एसएनडीएल को टेक ओवर करके कामकाज शुरू कर देगा। महावितरण ने 2011 में शहर के तीन विभाग (गांधीबाग, महल व सिविल लाइन्स) का काम जब एसएनडीेएल (तब स्पैनको) काे दिया, तब यह करार हुआ था कि पहले तीन महीने तक महावितरण के कर्मचारी स्पैनको के साथ काम करेंगे आैर अनुबंध खत्म होने पर एक महीने तक कंपनी के लोग महावितरण के साथ काम करेंगे। अब जब एसएनडीएल ने इसे आगे चलाने से मना कर दिया तो टेक आेवर (काम वापस हाथ में लेना) ही एकमात्र विकल्प महावितरण के पास बचा है। एसएनडीएल के पास लगभग 1400 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैै। जिसमें से वेंडर (ठेकेदार) के माध्यम से लगभग 1100 व कंपनी की तरफ से करीब 300 अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे है। करार के मुताबिक महावितरण पहले एक महीने तक एसएनडीएल के सभी अधिकारी-कर्मचारियों  को साथ रखकर काम करेगा आैर उसके बाद किसे रखना है या नहीं यह तय करने का अधिकार महावितरण के पास सुरक्षित रहेगा। ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट एसएनडीएल के विरोध में आई है। एसएनडीएल काे जाना है और एक महीने के अंदर महावितरण काम हाथ में ले लेगी। यहां कार्यरत निजी कर्मियों को महावितरण सीधे काम पर नहीं ले सकता। निजी कर्मचारियों का नुकसान न हो, इस संबंध में प्रयास जरूर किए जाएंगे।

तकनीकी कर्मियों को मिलेगा अवसर

तीन विभागों का काम हाथ में लेने के बाद महावितरण तकनीकी कर्मचारी व अधिकारियों को अपने साथ लंबे समय तक रखने पर विचार कर रहा है। महावितरण के सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से विभाग में कर्मचारी भर्ती नहीं होने से तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, जिसकी भरपाई एसएनडीएल के तकनीकी कर्मचारियों को रखकर की जा सकती है। इन्हें वेंडर के माध्यम से ही काम पर रखा जाएगा। कार्यालयीन कामकाज देेखनेवालों छंटनी हो सकती है। कम खर्च में अच्छे नतीजे के फार्मूले पर काम होगा। 
 

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