ऊर्जा मंत्री राऊत का आश्वासन: उत्पादन कम होने के बावजूद नहीं होगी बिजली कटौती, मंहगी बिजली खरीद रही है सरकार 

October 12th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोयले के संकट के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत ने भरोसा दिया है कि राज्य में लोडशेडिंग नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी के चलते मांग की तुलना में फिलहाल 3 हजार 500 से 4 हजार मेगावाट बिजली की कमी है। इसलिए राज्य में महंगी दर पर बिजली खरीदकर विद्युत की मांग को पूरा किया जा रहा है। महंगी बिजली खरीदने में लगभग 250 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। लेकिन इसका भार बिजली ग्राहकों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा और प्रदेश को अंधेरे में नहीं जाने दिया जाएगा।

महाराष्ट्र को क्यों नहीं मिल रहा पर्याप्त कोयला 

मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने आरोप लगाया कि गुजरात और गोवा के पास अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने के बावजूद वहां पर कोयले की आपूर्ति की जा रही है लेकिन महाराष्ट्र को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति क्यों नहीं हो रही है? इस बात का मुझे आश्चर्य है। राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिडेट (महाजेनको) के थर्मल पॉवर प्लांट्स में बिजली उत्पादन बढ़ाने का प्रयास चल रहा है। 11 अक्टूबर रात तक 2 लाख 17 हजार 571 मीट्रिक टन कोयले का भंडारण है। राऊत ने कहा कि महाजेनको की भुसावल की 500 मेगावाट की एक यूनिट शुरू कर दी गई है। जबकि कोयले की कमी के कारण अभी चार यूनिट बंद है। वहीं देखभाल और मरम्मत कार्य के चलते तीन यूनिट बंद है। राज्य में कुल 27 में से 7 यूनिट बंद है। 

महंगी दर पर खरीदी जा रही बिजली

राऊत ने कहा कि बिजली की कमी को पूरा करने के लिए खुले बाजार से 6 अक्टूबर को 1800 मेगावाट बिजली 14 रुपए 27 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई। 8 अक्टूबर को 1800 मेगावाट बिजली 14 रुपए 93 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई। 9 अक्टूबर को 1200 मेगावाट बिजली 16 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई। 11 अक्टूबर को 800 मेगावाट बिजली 17 रुपए 69 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली पैदा की जा रही है। राऊत ने कहा कि सितंबर के आखिर तक प्रति यूनिट 20 रुपए तक महंगी बिजली खरीदने पड़ी थी। महंगी बिजली के खर्च का भार राज्य सरकार उठाकर नियमित विद्युत आपूर्ति का प्रयास कर रही है। 

बिजली की मांग और आपूर्ति 

राऊत ने कहा कि फिलहाल महावितरण की प्रतिदिन 17 हजार 500 से 18 हजार मेगावाट तक बिजली की मांग है। लेकिन करार के अनुसार बिजली आपूर्ति कंपनियों से 14 हजार से 15 हजार 500 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हो रही है। कोयले के अभाव में 3 हजार 500 से 4 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। राऊत ने बताया कि महाजेनको ने 11 अक्टूबर को थर्मल पॉवर, वायू और जल विद्युत केंद्रों में 8 हजार 119 मेगावाट बिजली उत्पादन किया था। जबकि मुंबई को मिलाकर कुल 20 हजार 870 मेगावाट बिजली की मांग थी। राऊत ने कहा कि आने वाले दिनों में बिजली की मांग प्रति दिन 20 हजार मेगावाट तक बढ़ सकती है। इसके मद्देनजर बिजली की मांग को पूरा करने के लिए तैयारी की जा रही है। 

कोयले की मांग और आपूर्ति 

कोल इंडिया की ओर से कोयला आपूर्ति की प्रति दिन की क्षमता 40 लाख मीट्रिक टन है। लेकिन बारिश के कारण 22 लाख मीट्रिक टन आपूर्ति हो रही थी। जो अब बढ़ाकर 27 लाख मीट्रिक टन तक आपूर्ति की जा रही है। हालांकि कोयले की गुणवत्ता खराब दर्जे की है। इसके अलावा गैस पर बिजली निर्माण परियोजना के करार की तुलना में केवल 30 प्रतिशत बिजली मिल रही है। सीजीपीएल और जेएसडल्बू कंपनी की ओर से बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। इससे राज्य को प्रति दिन 1 हजार मेगावाट कम बिजली मिल पा रही है। जबकि दोनों कंपनियों के पास 20 दिन का कोयला उपलब्ध है। इसलिए मैंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह से उक्त दोनों कंपनियों की शिकायत की हैं। उन्होंने मुझसे कहा है कि दोनों कंपनियों को नोटिस भेजी जाएगी। राऊत ने कहा कि महाजेनको को कोयला खरीदने के लिए महावितरण को एक हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार महाजेनको को राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। 

मुझे पहले पता था कि संकट आएगा

राऊत ने कहा कि कोल इंडिया कंपनी की लापरवाही के चलते कोयले का संकट पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे पहले से पता था कि कोयले का संकट पैदा हो सकता है। इसलिए हम लोगों ने तीन महीने के लिए कोयले का भंडारण की तैयारी की थी। इसके मद्देनजर मैंने केंद्र सरकार के मंत्रियों को पत्र लिखकर कोयला उपलब्ध कराने की मांग की थी। 

बिजली का संभलकर करें उपयोग

राऊत ने कहा कि त्योहारों को बिजली संकट की स्थिति अगले दो महीने तक रहने की उम्मीद है। इसलिए ग्राहक विद्युत आपूर्ति की कमी को देखते हुए सुबह और शाम को 6 से 10 बजे के दौरान कम बिजली का इस्तेमाल करें। राऊत ने कहा कि ग्राहक समय पर बिजली बिल भरें।