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नेत्र रोगियों को अस्पताल से दी छुट्टी, सीएम के पास पहुंचे परिजन तो दोबारा किया भर्ती 

नेत्र रोगियों को अस्पताल से दी छुट्टी, सीएम के पास पहुंचे परिजन तो दोबारा किया भर्ती 

मोतियाबिंद ऑपरेशन मामला, गांधी मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में ऑपरेशन के बाद चार मरीजों की आंखों से  दिखाई देना बंद हो गया था। इस मामले का खुलासा होने के बाद इनमें से तीन मरीजों को आनन-फानन में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल रेफर किया गया। पिछले लगभग दस दिनों से चल रहे इलाज के बाद दफेलाल और कलावती की आंखें स्वस्थ बताकर नेत्र विशेषज्ञों ने मंगलवार सुबह अस्पताल से छुट्टी कर दी थी। उन्हें छिंदवाड़ा भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच मरीजों के परिजन शिकायत लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास पहुंचे।  सीएम कमलनाथ ने परिजनों की फरियाद सुनी और अस्पताल प्रबंधन को बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार शाम को मरीजों को दोबारा अस्पताल में भर्ती किया गया।
गौरतलब है कि 25 सितम्बर को जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद चार मरीजों की आंखों से दिखाई देना बंद हो गया था। एक मरीज ने नागपुर में इलाज करा लिया था। इनमें से तीन मरीजों को अस्पताल प्रबंधन ने भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। इनमें से रामरतिबाई की आंखें स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी देकर छिंदवाड़ा भेज दिया गया था। दफेलाल ढाकरिया और कलावती बाई को भर्ती रखा गया था। नेत्र चिकित्सकों ने मरीजों की आंखें स्वस्थ होने का हवाला देकर मंगलवार को छुट्टी दे दी थी। सीएम से शिकायत के बाद मरीजों को दोबारा भर्ती किया गया है। 
मुख्यमंत्री ने त्वरित लिया एक्शन-
कलावती बाई के नाती राम ने बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर उन्होंने शिकायत की है कि कलावती और दफेलाल दोनों की आंखों में अभी दिखाई नहीं दे रहा है। दोनों की आंखों में रोशनी नहीं आई है। इस पर सीएम ने त्वरित एक्शन लिया और अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर इलाज देने हिदायत दी। इसके बाद अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों के हाल जाने और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। परिजनों ने सीएम से आर्थिक मदद की भी मांग की है। 
क्या कहते हैं अधिकारी-
भोपाल में भर्ती मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें दोबारा भर्ती किया गया है। भोपाल के नेत्र विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों मरीजों की आंखें स्वस्थ है। आंखों में सूजन खत्म होते तक उन्हें भर्ती रखा जाएगा। 
- डॉ.श्रीमती पी गोगिया, सिविल सर्जन 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।