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मक्का से टूटेगी किसान और बाजार की कमर - रकबा घटा, उत्पादन कम होने के आसार

मक्का से टूटेगी किसान और बाजार की कमर - रकबा घटा, उत्पादन कम होने के आसार

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा । खरीफ के रकबे में 55 फीसदी से अधिक हिस्से में होने वाली मक्का की फसल इस साल किसानों की ही नहीं बाजार की कमर तोड़ देगी। खेतों में फसल और बाजार में मक्का भाव के हालात से कुछ ऐसे ही आसार नजर आ रहे हैं। बीते साल के औसत उत्पादन और बाजार भाव की आंकलन करें तो इस साल मक्का का रकबा और उत्पादन कम होने से छिंदवाड़ा जिले को 4 अरब़ रुपए का नुकसान हो सकता है। आंकड़ों के मुताबिक बीते साल जिले में मक्का का रकबा 2 लाख 98 हजार हेक्टेयर था। क्राप कटिंग के अनुसार किसानों ने बीते साल 40 क्विंटल यानी 4 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन लिया। इस हिसाब से जिले का सकल उत्पादन 11 लाख 92 हजार टन रहा। बीते साल खरीफ सीजन समाप्त होते ही बाजार में मक्का के दाम 2000 रुपए तक पहुंचे। इसके बाद बाजार लगभग 1100 से 1200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच स्थिर हो गया। अप्रैल माह तक जिले की पांचों मंडियों में लगभग 3 लाख 40 हजार टन मक्का की आवक हुई। जो सकल उत्पादन का लगभग 30 फीसदी हिस्सा था।

बीते छह माह में बिका आधा से ज्यादा मक्का
दाम बढऩे की आस लगाए किसानों ने घर में बचा मक्का अप्रैल माह के बाद से अब तक औने पौने दाम बेचा। अमरवाड़ा मंडी में अप्रैल से 30 अक्टूबर तक लगभग 21 हजार टन मक्का की आवक हुई। इस बीच मक्का के दाम न्यूनतम 1100 और अधिकतम 1740 रुपए प्रति क्विंटल रहे। इस हिसाब से मक्का के मॉडल रेट 1480 रुपए प्रति क्विंटल रिकार्ड किए गए। बीते साल का लगभग 50 फीसदी मक्का इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर माह के बीच मंडियों तक पहुंचा।
मक्का से लगभग 14 अरब रुपए आय
बाजार के जानकारों का मानना है कि जिले में बीते साल लगभग 12 लाख टन मक्का उत्पादन हुआ। इसमें से लगभग 10 लाख टन मक्का बाजार में पहुंचा। थोक बाजार में औसत 14 हजार रुपए टन यानी 1400 रुपए प्रति क्विंटल के दाम भी मिले हो तो जिले को मक्का से लगभग 14 अरब रुपए हासिल हुए हैं। जानकारों का आंकलन है कि वर्तमान में फसल के हालात और बाजार में मक्का के दाम से बाजार में मंदी रहेगी। इस साल छिंदवाड़ा जिले को मक्का से मिलने वाली आमदनी में लगभग 4 अरब रुपए का नुकसान होगा।
उत्पादन में गिरावट के प्रबल आसार
वर्तमान खरीफ सीजन में मक्का का रकबा 2 लाख 59 हेक्टेयर हो गया है। इस साल बोवनी के बाद से मौसम के तेवर तीखे रहे।  अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में बाढ़ और अतिवृष्टि से जिले में 42425 हेक्टेयर में खरीफ फसल खराब हुई। इसमें लगभग 30 हजार हेक्टेयर मक्का फसल है। यानी अब 2 लाख 29 हजार हेक्टेयर रकबे की मक्का फसल किसानों के हाथ लगेगी। किसान और कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल मक्का औसत उत्पादन 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टयर तक गिर सकता है। इस हिसाब से जिले का सकल उत्पादन 6 लाख टन से 7 लाख टन के बीच हो सकता है। मक्का के दाम बीते साल की तरह ही रहे तो मक्का से लगभग 10 अरब रुपए हासिल होंगे यानी बीते साल से लगभग 4 अरब रुपए कम किसानों तक पहुंचेगा।
बीते साल मंडी में मक्का की आवक
छिंदवाड़ा 1769635 ---- ---- -----
सौसर 105143 1150 1950 1860
पांढुर्ना 60072 901 2010 1754
चौरई 1104050 1390 1710 1580
अमरवाड़ा 370992 1200 1800 1500
 

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