दैनिक भास्कर हिंदी: किसान भटकते रहे मुआवजे को और विभाग ने किए 97 लाख सरेंडर

April 10th, 2018

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। वित्तीय वर्ष खत्म होने के महज दो दिन पहले आई मुआवजा राशि आखिर मेें अधिकारियों को सरेंडर करनी पड़ गई। किसान इधर, मुआवजे के लिए तहसीलों के चक्कर काटते रहे लेकिन शासन ने महज दो दिन पहले मुआवजा राशि जिले को दी। समय रहते मुआवजा किसानों को नहीं देने से अधिकारियों को बाद में 97 लाख सरेंडर करने पड़ गए। जिले की तीन तहसीलों में ये मुआवजा किसानों को वितरित किया जाना था।
यलो मोजेक रोग से सोयाबीन की फसल हुई थी खराब
यलो मोजेक रोग की वजह से पिछले दिनों जिले की तीन तहसीलों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई थी। सोयाबीन में ये रोग लगने से उत्पादन ही नहीं हो पाया। सर्वे के बाद छिंदवाड़ा, चौरई और चांद तहसील में मुआवजा दिया जाना था। 28 मार्च को शासन ने सात करोड़ 47 लाख की राशि सेंग्सन करते हुए वितरण के लिए जिले में पहुंचाई थी लेकिन दो दिन में अफसर 6 करोड़ 49 लाख 98942 रुपए ही किसानों के खाते में डाल पाए। तय समय पर राशि नहीं डाल पाने के कारण 31 मार्च को अधिकारियों ने 97 लाख 1508 रुपए की राशि शासन को सरेंडर कर दी।
दो दिन चला दिन रात काम
28 मार्च को पैसा आने के बाद देर रात से ही किसानों के खाते में राशि फीड करने का काम शुरु कर दिया गया था। दो दिनों तक दिन रात राशि डालने के बाद भी अफसर पूरा पैसा नहीं खर्च कर पाएं। आखिर में राशि शासन को वापस लौटानी पड़ी।
ये भी वजह
28 मार्च को पैसा डालने के बाद भी सर्वर की समस्या से अफसरों को जूझना पड़ रहा था। साफ्टवेयर में गड़बड़ी सामने आ गई थी। जिसके कारण भी अधिकारी खाते में पैसा हस्तांतरित नहीं कर पा रहे थे। कलेक्टर ने खुद छिंदवाड़ा तहसील का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
अब आगे क्या...
जो राशि सरेंडर की गई है। उसकी डिमांड फिर से शासन से की जाएगी। राशि आने के बाद बकाया किसानों के खाते में राशि वितरित की जाएगी।
कहां आई कितनी राशि, कितनी हुई सरेंडर

तहसील    प्राप्त राशि        सरेंडर
छिंदवाड़ा    18900000           1116786
चांद        23300000            6125914
चौरई        32500000            2458808
कुल        74700000             9701508