comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बाघ से बचने ले रहे मुखौटे का सहारा, फेटरी क्षेत्र में बनी हुई है दहशत

बाघ से बचने ले रहे मुखौटे का सहारा, फेटरी क्षेत्र में बनी हुई है दहशत

डिजिटल डेस्क, नागपुर । शहर से सटे फेटरी क्षेत्र में बाघ की दहशत इस कदर है कि खेतों में काम करने वाले किसान मुखौटा लगाकर काम कर रहे हैं।  नागपुर वन परिक्षेत्र में आने वाले फेटरी सहित कई गांवों में किसानों को मुखौटा लगाकर खेतों में काम करते देखा जा सकता है। किसानों ने यह जुगत वन विभाग की सलाह पर अपनाई है। पिछले दिनों क्षेत्र के कई गांवों में यह उपाय बाघ के देखे जाने की सूचना के बाद अपनाई गई है। वन विभाग बैनर और होर्डिंग के जरिए गांव के लोगों काे बचाव के लिए कई उपाय अपनाने की सलाह दे रहा है। इनमें अकेले के बजाए समूह बनाकर जंगल में जाने की भी सलाह दी गई है। वन अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में देखा गया बाघ कलमेश्वर से भटककर आवासीय क्षेत्र में पहुंच गया है। बाघ ने अब कुछ मवेशियों का शिकार कर चुका है और कुछ लोगों ने भी उसे देखने का दावा किया है। फेटरी के अलावा बोरगांव, येरला और खायगांव में किसानों ने बाघ के हमले से बचने के लिए मुखौटा अपना लिया है।

कैसे करेगा मुखौटा काम
विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर बाघ मनुष्यों पर हमला नहीं करता है। खेत में झुककर या बैठकर काम करते लोगों पर बाघ उन्हें छोटे आकार का पशु समझकर पीछे से हमला करता है। सिर पर पीछे के तरफ भी चेहरा दिखने पर बाघ के हमला करने की आशंका कम हो जाती है।

24 घंटे पहरेदारी
क्षेत्र में बाघ की पुष्टि होने के बाद पेंच टाइगर रिजर्व की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्ट फोर्स के जवान, सेमिनरी हिल्स, रेस्क्यू टीम और कलमेश्वर वन परिक्षेत्र के कर्मचारी की टीम क्षेत्र में 24 घंटे पहरेदारी कर रही है।  

उल्लेखनीय है कि फेटरी क्षेत्र में समय-समय पर वन्यजीवों के लोगों को दर्शन होते रहते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से बाघ के दिखने से लोग खौफजदा हैं। रात के वक्त घर से निकलने से भी कतराने लगे हैं  ऐसे में खेतों में काम करने वालों का भयभीत होना स्वाभाविक है। हालांकि वनविभाग भी अपनी तरफ से प्रयासरत है लेकिन अब तक बाघ वनविभाग के हाथ लग नहीं पाया है।
 

कमेंट करें
2lhyN
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।