दैनिक भास्कर हिंदी: पूजा के वक्त बारिश की झमाझम, बारिश थमते ही पटाखों की धमाधम , धुएं से कोहरे का माहौल

October 28th, 2019

डिजिटल डेस्क,नागपुर। रविवार की शाम बारिश के कारण दिवाली के जश्न में खलल निर्माण हो गया। उत्साह से दिवाली मनाने की तैयारी में रहनेवालों को ऐन पूजा के वक्त बारिश आने से काफी समय तक परेशान होना पड़ा। शहर के कुछ इलाकों में एक घंटे से ज्यादा समय तक झमाझम बारिश हुई। कई सालों में संभवत पहली बार ही ऐसा हुआ। हालांकि बारिश रूकने के बाद  लोगों ने जमकर आतिशबाजी की।  आलम यह था कि, रात को शहर में धुआं आसमान में कोहरे की तरह छा गया था। देर रात तक पटाखे फूटते रहे।

उल्लेखनीय है कि इस बार दिवाली रविवार को आई थी। जिससे हर किसी को छुट्‌टी थी। पहले से पटाखों की खरीदारी कर जश्न मनाने की तैयारी में उस वक्त खलल पड़ गया, जब बे मौसम बारिश आने लगी। मानेवाड़ा के साथ शहर के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश शाम 7 बजे से ही शुरू हो गई थी। ऐसे में पटाखे फोड़ने की तैयारी में रहनेवाले लोग  बडे मायूस हो गये थे। लगभग डेढ़ घंटे झमाझम बारिश रात 8.30 बजे के बाद रूकी। जिसके बाद लोगों ने  इसका पूरा फायदा उठाना चाहा। झमाझम बारिश रूकते ही शहर में पटाखो की धमाधम गूंजने लगी। आसमानों में रंगबिरंगी पटाखे छूटते रहे। रात 10 बजे तक इसी तरह एक के बाद एक धमाके कानों पर पड़ रहे थे। पश्चात मिनटों मिनटों की दूरी के बाद धमाकों की आवाजें रात 1 बजे के बाद तक चलती रही।

बह गई रंगोलियां 

दिवाली के दिन रंगोली का खास महत्व होता है। घर की महिलाएं दोपहर से ही सबसे अच्छी व सुंदर रंगोली बनाने में लग जाती है। रविवार को भी ऐसा हुआ लेकिन महिलाओं की घंटों की मेहनत उस वक्त पानी में बह गई, आधे घंटे की बारिश ने पूरी रंगोलियां बहा ली। घंटों मेहनत करने के बाद निकाली गई रंगोलियों के साथ किसी को सेल्फी खिंचने का भी मौका नहीं मिला। ऐसे में हर किसी को इसका मलाल रहा। इसके अलावा घर को जगमगाने के लिए लगाई लाइटींग भी बारिश के दौरान लोगों के लिए आफत साबित हुई। पूरे घर में लगाई गई लाइटिंग को एक बारी में निकालना हर किसी के लिए संभव नहीं था। ऐसे में लाइटिंग  बंद कर रखने में ही हर किसी ने समझदारी रखी ।

रात को कोहरे का माहौल 

रात 9 बजे के बाद एक से डेढ़ घंटे लगातार पटाखे फूटने से जहां-वहां धुआं ही धुआं था। बारिश आने से वैसे ही मोसम में नमी थी। ऐसे में आसमान में छाया धुआं हर किसी को कोहर सा प्रतीत हो रहा था।  सड़कों पर भी वाहनधारकों को गुजरते वक्त भारी परेशानी का सामना करना पड़ा ।