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बिना मान्यता आयुर्वेद की डिग्री पर एलोपैथी इलाज करने वाले पर होगी एफआईआर

बिना मान्यता आयुर्वेद की डिग्री पर एलोपैथी इलाज करने वाले पर होगी एफआईआर

 डिजिटल डेस्क शहडोल । अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वाले ठिकानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गुरुवार को छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान पाया गया कि आयुर्वेद की डिग्री पर न केवल एलोपैथी का इलाज किया जाता है बल्कि मरीजों को भर्ती करके इंजेक्शन व बॉटल तक लगाया जा रहा था। विभाग की टीम द्वारा आज दो स्थानों पर कार्रवाई की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अंग्रेजी दवाईयों जब्त की गईं। 
56 प्रकार की अंग्रेजी दवाइयां मिली
गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 26 सितंबर के अंक में झोलाछाप चिकित्सकों संबंधी समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सीएमएचओ के निर्देशन में सिंहपुर बीएमओ डॉ. राजेश मिश्रा व रूजोपचार अधिकारी राकेश श्रीवास्तव की टीम द्वारा गोरतरा पेट्रोल पंप के पास स्थित क्लीनिक पर दबिश दी गई। जहां बीएएमएस डिग्रीधारी डॉ. जीके पाण्डेय द्वारा मरीजों को देखा जा रहा था। उनके द्वारा एलोपैथी इलाज किया जा रहा था। उनके पास क्लीनिक संचालन का पंजीयन भी नही मिला। मौके पर मरीज भर्ती मिले। यहां से 56 प्रकार की अंग्रेजी दवाइयां मिलीं। दवाईयों को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान टीम को पुलिस की मदद लेनी पड़ गई। टीम जब दबिश देने पहुंची तो डॉ. पाण्डेय भड़क उठे। काफी देर तक तू-तू, मै-मैं होता देख टीम ने पुलिस को बुलाया। 
जमुई में भी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आज ही ग्राम जमुई में कार्रवाई की गई। जहां लखन साहू द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। उसने अपने आपको आरएमपी बताया लेकिन दस्तावेज नहीं थे। टीम को उसके ठिकाने से 42 प्रकार की अंग्रेजी दवाइयां मिलीं, जिन्हें जब्त किया गया। दवाईयों के अलावा बीपी मापने की मशीन भी जब्त की गई। 
इनका कहना है
 दो स्थानों पर दबिश में बड़ी मात्रा में दवाईयां जब्त की गई हैं। दोनों मामलों में रूजोपचार अधिनियम के तहत प्रकरण बनाकर एफआईआर के लिए पुलिस के पास भेजा जाएगा।
डॉ. राजेश पाण्डेय, सीएमएचओ
 

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