दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के नागपुर समेत पांच शहरों पर मंडरा रहा जल संकट का भारी खतरा

November 3rd, 2020

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते चार दशकों से भी अधिक समय से महाराष्ट्र के ज्यादातर इलाके लगभग हर साल सूखे की चपेट में रहते है। इस स्थिति के बीच नागपुर सहित प्रदेश के पांच शहरों पर पानी का संकट मंडरा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दो दशकों तक प्रदेश के 5 शहरों में पानी के लिए भारी त्राहि-त्राहि मच सकती है। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा जारी रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के 100 शहरों में 2050 तक जल संकट बहुत ज्यादा गहरा जाएगा। इसमें भारत के 30 शहर शामिल हैं। यह रिपोर्ट कहती है कि इन 30 शहरों में जल संकट का खतरा लगातार बढ रहा है और यह शहर हाई वाटर रिस्क की श्रेणी में रखे गए हैं। देश के दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, बेगलुरु, विशाखापत्तनम, कोझीकोड, कोलकाता समेत 30 शहरों में जल का गंभीर खतरा इसलिए मंडराएगा, क्योंकि जनसंख्या प्रतिशत में वर्ष 2020 के मुकाबले 2050 तक इन शहरों में 17 से 51 फीसदी तक बढोतरी होगी।रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे राहत के लिए प्रकृति आधारित संसाधनों में और निवेश करने और नदी घाटियों, जलक्षेत्रों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण पर अधिक ध्यान देने की जरुरत है। भारत में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के निदेशक सेजल वर्थ का कहना है कि भारत में शहर बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में शहर ही भारत की पर्यावरणीय स्थिति को तय करेंगे। लगातार शहरीकरण के बीच पर्यावरण का कितना ख्याल रखा जाएगा, इससे ही इनका भविष्य तय होगा। अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिलेगा।   

महाराष्ट्र के 5 शहरों पर जल संकट का खतरा

महाराष्ट्र का 16वां सबसे बड़ा शहर लातूर आमतौर पर जल संकट के लिए खबरों में रहता है, लेकिन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अध्ययन में इस शहर पर जल संकट का कोई जिक्र नहीं है। वर्ष 2050 तक राज्य के जिन शहरों में पानी की विकराल स्थिति पैदा होने के आसार है, उनमें नागपुर, नासिक, पुणे, ठाणे और मुंबई शामिल है। वहीं मध्यप्रदेश के जिन चार शहरों जल संकट गहराने वाला है, उनमें जबलपुर, इंदौर, भोपाल और ग्वालियर शामिल