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टीच फॉर इंडिया के चलते पांच हजार बच्चों ने हासिल की स्नातक डिग्री

टीच फॉर इंडिया के चलते पांच हजार बच्चों ने हासिल की स्नातक डिग्री

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों के जरिए महाराष्ट्र के दो शहरों के 32 हजार बच्चों के जीवन में शिक्षा का प्रकाश फैलाने वाली शाहीन मिस्री को जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार प्रदान किया गया है। मुंबई के रायल ऑपरेहाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मिस्त्री के अलावा राजस्थान के भवानी शंकर कुसुम, मोहम्मद इमरानखान मेवाती और मेक्सिकों की सोनिया देओत्तो को भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुरस्कार स्वरुप इन सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, एक ट्राफी व दस लाख रुपए की नकद राशि प्रदान की गई। 42 वें जमनालाल बजार पुरस्कार समारोह में ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे। समारोह में जमनालाल बजाज फाउडेशन के अध्यक्ष राहुल बजाज ने सभी पुरस्कार विजेताओं के कार्यों की सराहना की। टीच फार इंडिया के माध्यम से गरीब व मनपा के स्कूलों में पढने वालों बच्चों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए कार्यरत मिस्त्री ने बताया कि अब तक हमने महाराष्ट्र के मुंबई व पुणे शहर में काम शुरु किया है। टीच फार इंडिया के चलते अब तक पांच हजार बच्चे स्नातक हो चुके है। जबकि 32 हजार बच्चों के जीवन में शिक्षा का प्रकाश फैला है।

देओत्तो को जमनालाल बजाज पुरस्कार

बच्चों के बीच अवसर की असमानता को दूर करने को मिस्त्री अपना मुख्य लक्ष्य मानती हैं। इसी तरह सूचना तकनीक के माध्यम से शिक्षा को सहजता से सभी बच्चों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे राजस्थान के मोहम्मद इमरान खान मेवाती को भी जमनालाल बजाज पुरस्कार दिया गया। इन्होंने एक एप में विद्यार्थियों के लिए जरुरी शिक्षा से जुड़ी समाग्री उपलब्ध कराई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में रचनात्मक कार्यों के जरिए बदलाव लाने वाले भवानी शंकर कुसुम ने कहा कि गांधीजी के दर्शन के माध्यम से मानवीय व लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित समाज स्थापित किया जा सकता है। विदेशों में गांधीवादी मूल्यों व सिध्दांतों के प्रचार-प्रसार के लिए सोनिया देओत्तो को जमनालाल बजाज पुरस्कार प्रदान किया गया। 
 

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