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पेशी से बचे फडणवीस , कोर्ट ने दिया आखिरी मौका

पेशी से बचे फडणवीस , कोर्ट ने दिया आखिरी मौका

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और माैजूदा विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस को सोमवार को मुख्य न्यायदंडाधिकारी कोर्ट ने एक आखिरी मौका दिया है। फडणवीस एक मामले की सुनवाई में कोर्ट के आदेश के बावजूद लगातार पेशी से बच रहे हैं। पूर्व में कोर्ट ने उन्हें सोमवार को पेश होने के आदेश दिए थे। लेकिन उन्होंने अपने अधिवक्ता उदय डबले के माध्यम से कोर्ट को सूचना दी कि मुंबई में विधानमंडल से जुड़ी एक अहम बैठक के कारण से सुनवाई में हाजिर नहीं हो सकते। इधर, फडणवीस की अनुपस्थिति से नाराज शिकायतकर्ता अधिवक्ता सतीश उके ने फडणवीस पर कोर्ट की अवमानना का आरोपी बताते हुए उनपर फौजदारी अवमानना अर्जी दायर कर दी है। इस पर कोर्ट ने फडनवीस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

20 फरवरी को फिर पेशी से
मामले में 20 फरवरी को सुनवाई होगी। सुनवाई में फडणवीस को पेश होने के आदेश दिए गए हैं। देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ 4 मार्च 1996 और 9 जुलाई 1998 को दो फौजदारी मामले दायर किए गए थे। दोनों में फडणवीस ने प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी न्यायालय से तीन हजार के निजी मुचलके पर जमानत ली थी। वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने भाजपा की ओर से दक्षिण-पश्चिम नागपुर विधानसभा से पर्चा भरा। आवेदन में उन्होंने दोनों मामलों की जानकारी नहीं दी।  अधिवक्ता सतीश उके ने इस बात को लेकर जेएमएफसी कोर्ट में शिकायत की। उस समय संबंधित न्यायालय और हाईकोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने 1 अक्टूबर 2019 को निचली अदालत को मामले की सुनवाई करने के आदेश दिए थे। 

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