नागपुर: बेरोजगार युवक से 4.40 लाख की धोखाधड़ी, वन विभाग में नौकरी लगाने का दिया झांसा

November 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर. फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर सास-दामाद और साले की तिकड़ी ने एक बेरोजगार को ठग लिया। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे लाखों रुपए ऐंठ लिए और बदले में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। शनिवार को चार आरोपियों के खिलाफ अंबाझरी थाने में प्रकरण दर्ज िकया गया। आरोपियों की िगरफ्तारी हाेना बाकी है। फर्जी आईएएस अधिकारी बना आरोपी निकेश रामभाऊ पाचपुते, उसका िमत्र नरेश नामदेव बोदे, दोनों छिंदवाड़ा जिले के रंगारी तापर, निकेश की सास बेबीबाई रामकृष्ण ठाकरे और उसका साला सतीश रामकृष्ण ठाकरे, वर्धा जिले के बोटोना निवासी हैं। पीड़ित राजू सीताराम सोनेकर (32), लावा महादेव नगर निवासी है। राजू वर्ष 2018 से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वर्तमान में वह िकसी कंपनी में है। बेबीबाई का मायका राजू का गांव है। इसलिए राजू, बेबीबाई को पहचानता है। जब कभी बेबीबाई मायके जाती थी, तो अक्सर अपने दामाद निकेश के बारे में बड़ी-बड़ी डिंगे हांकती थी। वह बताती थी कि, उसका दामाद आईएएस अधिकारी है। उसकी कई बड़े अधिकारियों से पहचान है और कई बेरोजगारों को नौकरी लगा चुका है। राजू ने भी बेबीबाई से खुद के लिए कोई सरकारी नौकरी देखने के लिए कहा था। 10 फरवरी 2018 को सभी आरोपी नागपुर आए। 

फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया : राजू को अमरावती रोड स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस के पास बुलाया और उसे वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपए की मांग की। झांसे में आकर राजू ने उन्हें 4 लाख 40 हजार रुपए दिए। बाकी रकम नौकरी लगाने के बाद देने का तय हुआ। आरोपियों ने रुपए लेने के बाद राजू को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब वह वन विभाग में नियुक्ति पत्र लेकर गया, तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। राजू ने रुपए वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। मामला थाने पहुंचा।