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किसानों को 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दें, सरकार की घोषणा

किसानों को 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दें, सरकार की घोषणा

डिजिटल डेस्क, नागपुर।   राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण कुंटे ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अतिवृष्टि से किसान आर्थिक संकट में है, इधर सरकार सत्ता संघर्ष में व्यस्त है। राकांपा सुप्रीमो शरद पवार किसानों का दर्द जानने के लिए पहले नाशिक जिले में खेत की मेढ़ पर पहुंचे। इसके बाद सरकार के मंत्री किसानों के खेतों में पहुंचकर हमदर्दी जताने का नाटक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों की मदद के लिए 10 हजार करोड़ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरा है। कम से कम 25 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था कर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए नुकसान भरपाई देने की मांग कुंटे ने सरकार से की है। अतिवृष्टि से प्रभावित विदर्भ का दौरा करने के बाद कुंटे मंगलवार को पत्र परिषद में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मानसून की वापसी में अतिवृष्टि से किसानों का नुकसान हुआ है। 

हाथ आई फसल भी अतिवृष्टि से खराब होकर किसानों के मुंह का निवाला छीन गया है। फसल का नुकसान होने से किसान आर्थिक संकट में फंस गया है। विदर्भ में डेढ़ लाख हेक्टेयर संतरे की फसल अतिवृष्टि से प्रभावित हुई है। धान, सोयाबीन की कटाई करने के बाद खेत में रखी गंजी में अंकुर निकल गए हैं। कपास बारिश के पानी से खराब हो गया है। उड़द, मुंग, तुअर, अंगूर उत्पादक किसानों का भारी नुकसान हुआ है। बच्चों की पढ़ाई, बेटियों का विवाह, अागे की फसल पर आने वाला खर्च, परिवार का पालन-पोषण कैसे करें, इस चिंता में किसान डूबा हुआ है। 

पांच वर्ष में 14 हजार किसानों से कर्ज से तंग आकर आत्महत्या की है। सरकार की असंवेदनशीलता से आत्महत्या बढ़ने का खतरा बना हुआ है। बीमा की किस्त वसूल करने के बाद भी किसानों को नुकसान  भरपाई नहीं मिली है। ऐसी बीमा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की उन्होंने सरकार से मांग की। संपूर्ण विदर्भ को अकाल पीड़ित घोषित कर सभी किसानों को नुकसान भरपाई देने की मांग की। अन्यथा सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। पत्र परिषद में अनिल अहिरकर, राजू राऊत, सुरेश पाटील, लक्ष्मी सावरकर आदि उपस्थित थे।

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