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ग्लाेबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज का दुनिया पर हो रहा असर, नागपुर में युवा कर रहे जनजागरण

ग्लाेबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज का दुनिया पर हो रहा असर, नागपुर में युवा कर रहे जनजागरण

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ग्लाेबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए शहर की पर्यावरण संस्थाएं और युवाओं के समूह मिलकर काम कर रहे हैं। इस पहल के तहत ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ के बैनर तले सप्ताह में हर शुक्रवार को इस मुद्दे पर जनजागृति करने का फैसला किया गया है। इसके तहत पिछले शुक्रवार को बड़ी संख्या में युवा फुटाला पर एकत्र होकर लोगों को पर्यावरण के विभिन्न मुद्दों पर जागरूक करने का प्रयास किए। इस पहल में अग्रणी रूप से जुड़े डॉ. अभीक घोष का कहना है कि जिन खतरनाक स्थितियों को आज से 100 वर्ष बाद की बात समझी जा रही थी, वे तेजी से आगे बढ़ रही हैं। क्लामेट चंेज का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। हर मौसम में एक्स्ट्रीम असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में इस पर गंभीरता से काम और विचार करने की जरूरत है। इसी संदर्भ में पर्यावरण पर काम कर रही सभी संस्थाएं व युवाओं को एकजुट करने और जन-जन तक इसकी गंभीरता को पहुंचाने के लिए यह पहल की गई है। 

सोशल मीडिया बनी ताकत
मुहिम से जुड़े युवाओं का मानना है कि आज सोशल मीडिया के कारण लोगों को किसी मुहिम से जोड़ना आसान हो गया है। शहर में कोई भी कार्यक्रम करना हो या संदेश पहुंचना हो, तो सोशल मीडिया काफी आसान हो गया है। डॉ. घोष के अनुसार आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों तक संदेश पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। कुछ दिन पहले तक शहर के कम ही लोग भारत वन मुहिम के बारे में जानते थे, लेकिन अब काफी ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच चुकी है और लोग इससे जुड़े भी हैं। यही नहीं, नागपुर से बाहर भी होने वाली पर्यावरण संबंधी मुद्दों की जानकारी लोगों को रहती है। जानकारी ही जागरूक करने का सबसे बड़ा माध्यम है। 

बड़ी संख्या में जुड़े हैं युवा
डॉ. घोष के अनुसार अब यह मुद्दा युवाओं तक पहुंच चुका है। बड़ी संख्या में कॉलेज व स्कूलों के छात्र व छात्राएं मुहिम में शामिल होते हैं। वे अपनी-अपनी तरह से उसमें योगदान देते हैं। जिन्हें संगीत में रुचि है वे उसके जरिए संदेश देते हैं, अभिनय में रुचि रखने वाले नुक्कड़ नाटक करते हैं, चित्रकारी में रुचि रखने वाले पोस्टर तैयार करते हैं। आज के युवा अगर इस समस्या के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं, तो भविष्य के लिए यह सबसे बेहतर पहल होगी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।