दैनिक भास्कर हिंदी: सरकार ने नागपुर जिले के लिए खरीदी 8 कैंसर डिटेक्ट एंबुलेंस, महिलाओं का फ्री ट्रीटमेंट

August 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर शहर व ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के कैंसर डिटेक्ट करने के लिए कार्ड कैंसिल डिटेल एंबुलेंस खरीदी गई है। इसमें से 6 एंबुलेंस ग्रामीण इलाकों में व दो एंबुलेंस शहर क्षेत्र में काम करेगी। एंबुलेंस एरिया में घूमकर घर-घर जाकर महिलाओं में कैंसर के रोग की जांच करेंगे और जिस महिला को कैंसर रोग डिटेक्ट होता है, उसका पूरा ट्रीटमेंट सरकार अपने खर्च से करेगी। राज्य में कैंसर डिटेल एंबुलेंस सबसे पहले नागपुर में खरीदी गई है। यह जानकारी पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने डीपीसी की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी। 

डीसीपी की निधि 650 करोड़ 
श्री बावनकुले ने बताया कि नागपुर की जिला विकास नियोजन समिति की निधि 220 करोड़ से बढ़ाकर 650 करोड़ हो गई है और संबंधित विभागों को 31 दिसंबर 2018 तक प्रस्ताव पेश कर संबंधित निधि खर्च करने को बताया गया है। उन्होंने कहा कि जो विभाग 31 दिसंबर 2018 तक प्रस्ताव नहीं भेजेगा और निधि खत्म करने में कोताही बरतेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि नागपुर डीपीसी की जिला नियोजन विकास समिति की निधि 650 करोड़ हो गई है और दिसंबर तक पूरी निधि खर्च करने पर 50 करोड़ की अतिरिक्त विकास निधि जिले को मिल सकती है।

बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को जो कर्जमाफी दी गई है उसके तहत नागपुर जिले में करीब 65000 किसानों को इसका लाभ मिला है। धीमी गति को देखते हुए एक लाख तक का कर्ज बगैर डॉक्यूमेंट के भी पात्र किसानों को कर्ज देने के लिए कहा गया है, जो बैंक किसानों को कर्ज देने में कोताही बरतेगी। राष्ट्रीयकृत बैंकों से सरकारी खाते खत्म किए जाएंगे और यह खाते नागपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को दे दिए जाएंगे।

तोतलाडोह डैम में 30 फीसदी जलसंग्रह
उन्होंने स्वीकार किया कि कई राष्ट्रीय बैंक किसानों को कर्ज मुहैया कराने में कोताही बरत रही है। प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद भी फसल कर्ज का जो आंकड़ा है, वह अपेक्षाकृत नहीं है। इस आंकड़े को बढ़ाने के लिए और किसानों को ज्यादा से ज्यादा फसल देने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है और बैंकों  किसानों को कोई परेशानी न हो इस संबंध में कदम उठाने के लिए भी इस समय उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि तोतलाडोह डैम में महज 30 फ़ीसदी पानी बचा है। इसका असर 200000 किसानों पर हो रहा है। किसानों के सामने सिंचाई के लिए पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फसल के लिए पानी जरूरी है और तोतलाडोह डैम की स्थिति को देखते हुए  किसानों को फसल की बुवाई से लेकर हर काम करने में काफी परेशानी हो रही है, यह चिंता का विषय है। इस चिंता को दूर करने के लिए 1050 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है। 

किसानों से बोरवेल खुदाई करने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन 7 दिन में इसकी मंजूरी देगा। किसानों के पास पर्याप्त पानी रहेगा, तभी फसल अच्छी होगी। इसे देखते हुए ज्यादा से ज्यादा कोई बोरवेल बनाने का आह्वान किसानों से किया गया है। किसानों को अधिक से अधिक पानी उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है। 2 लाख किसानों की परेशानी निश्चित ही चिंता की बात है और इन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार कोशिश कर रही है।

बोंड इल्लियों का प्रकोप रोकने बनाई समिति
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि किसानों को जिस तरह की परेशानी होती है, वैसी ही राष्ट्रीय बैंक में भी होती है। उसी तरह के अनुभव मुद्रा लोन के मामले में भी देखने को मिल रहे हैं। बोंड इल्ली का प्रकोप रोकने के लिए सरकार समुचित कदम उठा रही है। साथ ही इस का प्रकोप रोकने के लिए 5 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है। यह उपसमिति अपने सुझाव व उपाय बताएगी साथ ही निधि भी खर्च कर सकेगी, उप समिति जो सिफारिश करेगी उसे मंजूर किया जाएगा। निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी। बोंड अली से गत वर्ष जो नुकसान हुआ उसकी रोकथाम के लिए उपसमिति काम करेगी।

उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक जिला परिषद की सभी स्कूलें सौर ऊर्जा पर आ जाएगी। इसी तरह अगले साल नागपुर शहर की सभी सरकारी स्कूलों को सौर ऊर्जा से चलाने की हमारी कोशिश है। सरकारी स्कूलों को सौर ऊर्जा पर लाकर बिजली की झंझट से मुक्त करना है। जिला परिषद की सभी स्कूल इस साल के अंत तक बिजली बिल से मुक्त हो जाएगी और अगले साल नागपुर शहर की सभी सरकारी स्कूलें बिजली बिल की झंझट से दूर हो जाएगी। दोनों ही जगह सौर ऊर्जा से काम चलेगा इसके लिए अभी 5 करोड मंजूर किए गए हैं बिजली पर चलने वाले वाहनों को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है।