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कोरोना संकट में स्कूल फीस के लिए ढांचा तय करे सरकार, हाईकोर्ट में जनहित याचिका 

कोरोना संकट में स्कूल फीस के लिए ढांचा तय करे सरकार, हाईकोर्ट में जनहित याचिका 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना के चलते घोषित लॉकडाउन के कारण अभिभावक वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। इसलिए राज्य सरकार को साल 2020-2021 में सभी निजी स्कूलों के लिए फीस का एक आम ढांचा तय करने का निर्देश दिया जाए। इस तरह की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में इजरा फाउंडेशन नामक गैर सरकारी संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि राज्य में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र व राज्य सरकार स्कूल शुरू करने की तैयारी कर रही है। जो बच्चों के हित में नहीं दिख रहा है। इसलिए सरकार को सितंबर 2020 तक स्कूलों को ऑनलाइन अथवा ऑफ लाइन खोलने से रोका जाए। 

सामाजिक संस्था ने स्कूल खोलने पर भी जताया एतराज 

याचिका में आग्रह किया गया है कि हाईकोर्ट सरकार को एक कमेटी गठित करने का निर्देश दे। जो राज्य में स्कूल शुरु करने को लेकर गहराई से अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करे। याचिका में दावा किया गया है कि राज्य सरकार के पास ऑनलाइन स्कूल चलाने का अनुभव नहीं है। इसलिए इस विषय पर जल्दबाजी न दिखाई जाए। याचिका में कहा गया है कि सरकार के पास ऑनलाइन कामकाज के तौर तरीके को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। क्योंकि यदि सरकार के पास यह व्यवस्था होती, तो सरकारी अधिकारी प्रभावी तरीके से अपने कामकाज को अंजाम देते। अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह के मार्फत दायर की गई इस याचिका में निवेदन किया गया है कि स्कूलों को लॉकडाउन की अवधि के दौरान अभिभावकों से फीस लेने से रोका जाए, साथ ही फिलहाल स्कूल शुरु करने पर रोक लगाई जाए। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।