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दशहरा के पहले जीएसटी ने की 4 लाख की वसूली , बिना ई-बिल का सामान ले जाना पड़ा भारी

दशहरा के पहले जीएसटी ने की 4 लाख की वसूली , बिना ई-बिल का सामान ले जाना पड़ा भारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दशहरा के पूर्व राज्य के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), नागपुर डिवीजन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। दीपावली और दशहरा पर जमकर खरीददारी की जाती है। ऐसे में दुकानों तक माल ले जाने का काम चलता रहता है। इसी बीच राज्य के जीएसटी विभाग ने वाड़ी-हिंगणा नाके पर जांच कर बिना ई-बिल सामान ले जा रहे वाहनों पर कार्रवाई कर उनसे 4 लाख रुपए जुर्माने की वसूली की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के जीएसटी विभाग ने दशहरा के पूर्व रविवार 6 दिसंबर को सुबह से ही ई-बिल के बिना सामान ले जाने वाले वाहनों की चेकिंग वाड़ी-हिंगणा नाके पर शुरु की गई। सुबह से लेकर देर शाम तक कई सारे वाहनों की सघन जांच की गई। चेकिंग में एक के बाद दूसरे वाहन को बिना ई-बिल के जाते हुए पकड़ा गया। यह वाहन बिना ई-बिल के सामान ले जा रहे थे। सामान की कीमत के अनुसार ई-बिल का उल्लंघन करने पर उन पर 4 लाख रुपए का जुर्माना लगाकर वसूल किया गया। वाड़ी- हिंगणा नाके पर चेकिंग की खबर शहरभर के व्यापारियों में आग की फैल गई। व्यापारियों में हड़कंप मच गया। देर रात आंकड़ों के अनुसार चेकिंग के दौरान 4 लाख रुपए जुर्माने की वसूली की गई। यह कार्यवाई सहायक आयुक्त मंगेश काटे, सहायक आयुक्त नीतेश भंडारे के नेतृत्व में स्टॉफ ने कार्रवाई की।

19 सेवानिवृत्तों को दिए 5.67 करोड़ रुपए
नागपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल में 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए मंडल के कुल  19 कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की राशि के रूप में 5,67,44,66 रुपए दिए गए। साथ ही इन कर्मचारियों को परिचय पत्र, सेवा प्रमाण पत्र, चिकित्सा पुस्तिका एवं रजत सेवा पदक भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष अ‍पर मंडल रेल प्रबंधक, बी.के. रथ ने समस्त सेवानिवृत्तों कर्मचारियों को उनके स्वास्थ्य, सुखद तथा दीर्घायु जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, सेवाकाल के दौरान जो सपने शेष रह गए थे, इस राशि के समुचित उपयोग से आप उन सपनों को पूरा कर सकते हैं। साथ ही सेवानिवृत्तों को आश्वस्त किया कि, भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय हमेशा आपके साथ है।  इस अवसर पर  वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, आर.  गणेश अन्य वरिष्ठ शाखा अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।