दैनिक भास्कर हिंदी: सूखा ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे पालकमंत्री, समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक

May 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार ने माना है कि मई महीने में सूखे की स्थिति भीषण होगी। इसके मद्देनजर मंत्रालय मं् गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई सुबह हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूखे की स्थिति कि समीक्षा की गई। जबकि दोपहर में सूखे के लिए गठित प्रदेश के राजस्व तथा राहत पुर्नवसन मंत्री चंद्रकांत पाटील की अध्यक्षता वाली राज्य मंत्रिमंडल की उपसमिति ने भी बैठक की। मुख्यमंत्री ने पालक मंत्रियों को सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने का निर्देश दिया है। पालिक मंत्रियों को चारा छावनी और टैंकर की उपलब्धता की समीक्षा करने कहा गया है। लोकसभा चुनाव के लिए लागू आचार संहिता में भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से ढील देने का इतंजार किए बिना पालक मंत्री सूखा ग्रस्त इलाके का दौरा करेंगे। इस दौरे में स्थानीय विधायक भी शामिल होंगे। मराठवाड़ा के सभी 8 जिले, उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव और अहमदनगर, विदर्भ में बुलढाणा और पश्चिम महाराष्ट्र में सातारा की 2 और सांगली की 1 तहसील में सूखे का असर व्यापक है।

चुनाव आयोग से अभी नहीं मिली है ढील  

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे की समीक्षा के लिए आचार संहिता की कोई अड़चन नहीं है लेकिन सूखे के दौरान अधिक राहत कार्यों के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग से कहा है कि राज्य में मतदान पूरा होने के कारण सूखे से संबंधित अतिरिक्त कामों के लिए मंजूरी दी जानी है। हमें अपेक्षा है कि चुनाव आयोग से एक-दो दिनों में अनुमति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अनुमति के पहले ही समीक्षा शुरू कर दी है। सूखे की समीक्षा के लिए चुनाव आयोग से अनुमति की जरूरत नहीं है।  

68 लाख किसानों को भेजी गई राहत राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सूखा प्रभावित 82 लाख किसानों में से 68 लाख किसानों के खाते में 4412.57 करोड़ रुपए की मदद राशि जमा करा दी गई है। इसके अलावा फसल बीमा के 3200 करोड़ रुपए में से 1100 करोड़ रुपए किसानों के बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। बाकी बची राशि भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जानवरों के लिए 1264 चारा छावनी शुरू की गई है। चारा छावनी में 7 लाख 44 हजार बड़े और 1 लाख छोटे जानवर हैं। सरकार की तरफ से बड़े जानवरों को चारा के लिए 90 रुपए और छोटे जानवरों के चारे के लिए 65 रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 3699 गांवों और 8417 बस्तियों में 4774 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2011 की बजाय साल 2018 की जनसंख्या के आधार पर गांवों में जलापूर्ति के लिए टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे 10 से 20 प्रतिशत अधिक टैंकर गांवों में मिल रहे हैं।

देरी से आएगा मानसून

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देरी से बारिश शुरू होने की संभावना है। यह हमारे लिए चिंता की बात है। फिर भी सरकार ने इसकी तैयारी की है। वहीं मंत्री पाटील ने कहा कि आचार संहिता को शिथिल करने के बारे में चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं आया है। यदि चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिलती है तो भी पालक मंत्री लोकप्रतिनिधि के रूप में सूखे की समीक्षा के लिए जा सकते हैं। पाटील ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के कारण सरकारी अधिकारी दौरे में हमारे साथ नहीं आएंगे लेकिन हम चारा छावनी और टैंकरों की उपलब्धता के बारे में पता लगा सकते हैं। साथ ही समस्याओं के बारे में जिलाधिकारी को ज्ञापन दे सकते हैं। मंत्री पाटील ने बताया कि राज्य में 2 लाख 72 हजार मजदूर मनेरगा के तहत काम कर रहे हैं। राज्य में 10 लाख लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा सकता है। इसके लिए लगभग 5 लाख काम चिन्हित किए गए हैं। पाटील ने कहा कि सूखे के कारण राज्य में पलायन नहीं हो रहा है। लेकिन बढ़ती गर्मी के कारण कुछ लोग पलायन कर रहे हैं। पाटील ने कहा कि गर्मी के कारण राज्य में 4 से 5 लोगों की मौत होने की जानकारी है। 
 

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